संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कोहरे में मामूली चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है। ठंड शुरू होने के साथ कोहरा भी पड़ने लगा है। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालक सतर्कता बरत रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर वाहन चालकों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की गई है। इसके बाद भी अधिकतर वाहन चालकों ने वाहनों में फॉग लाइट नहीं लगवाई है।
जिले में अब रात व सुबह कोहरा बढ़ने लगा है। ऐसे में हादसों से बचने के लिए वाहनों को फॉग लाइट, बीम लाइट व रिफ्लेक्टर से लैस करना बेहद जरूरी है, जबकि अधिकतर वाहनों में इनकी कमी है। वाहनों में रिफ्लेक्टर अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। इस पर सख्ती नहीं होने की वजह से चालक वाहनों में फॉग लाइट नहीं लगवा रहे हैं। देखा जाए तो धुंध और कोहरे के मौसम में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। दूसरी तरफ कोहरे में सफर करने के लिए वाहनों में फाग लाइट का होना जरूरी है, क्योंकि फॉग लाइट धुंध काटने में मददगार होती है। यह बाजार में आसानी से उपलब्ध है। फिर भी वाहनों में फॉग लाइट देखने को नहीं मिल रही है। दिल्ली जयपुर हाईवे पर कुछ इसी प्रकार की स्थिति है। पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के चालान लगातार किए जा रहे हैं।
कोहरे के मौसम में वाहन चलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
कोहरे में हादसों से बचने के लिए सामने वाली गाड़ी से एक तय दूरी बनाकर चलना चाहिए। कोहरे में सड़कें गीली होती हैं, इसलिए हो सकता है कि जब तक ब्रेक लगे तब तक वाहन सामने वाली गाड़ी से टकरा जाए। ऐसे में भारी वाहनों से एक निश्चित दूरी बनाकर चलना ही बेहतर है।अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं गलत तरह से ओवरटेक करने की वजह से भी होती हैं। ध्यान रहे, हमेशा दाएं से ही ओवरटेक करें। साथ ही इस दौरान इसका भी ध्यान रखें की सामने से कोई वाहन तो नहीं आ रहा।
इंडीकेटर का प्रयोग जरूरी
रात के समय वाहन चलाने पर इंडिकेटर का इस्तेमाल जरूर करें। यह कोहरे और धुंध में भी मददगार बनता है। अधिक कोहरा होने पर इंडिकेटर जला देना चाहिए। इससे पीछे चल रहे वाहन को इस बात की जानकारी हो जाएगी, कि सड़क पर उनके अलावा और भी वाहन दौड़ रहा है। अचानक गाड़ी मोड़ने से पहले इंडिकेटर नहीं देने पर दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
रेडियम स्टीकर्स होते हैं मददगार
रेडियम स्टीकर्स भी धुंध में फायदेमंद साबित होते हैं। इनकी कीमत 150 से 500 रुपये तक है। सभी वाहनों के पीछे रेडियम स्टीकर लगा होना अनिवार्य है। लेकिन इसके बाद भी अधिकतर वाहनों में रेडियम स्टीकर नहीं लगाए गए हैं। रेडियम स्टीकर का फायदा यह होता हैं कि अंधेरे में इस पर रोशनी लगने मात्र से ही यह चमक उठता हैं, इससे पीछे व सामने से आ रहे वाहन चालक को अंदेशा हो जाता हैं कि सड़क पर उनके अलावा कोई वाहन हैं।
फॉग लाइट आवश्यक तौर पर लगवाएं : एसपी
पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित का कहना है कि विशेषकर धुंध से बचने के कुछ पहलुओं पर वाहन चालकों को ध्यान देने की जरूरत है। वाहन की हैड लाइट को हाईबीम पर न रखे, ऐसा करने से कोहरे में रोशनी बिखर जाती और सामने कुछ नजर नहीं आता। हेड लाइट लो बीम पर रखे, इससे देखने में आसानी होगी और सामने वाले को भी गाड़ी की सही स्थिति का पता चल सकेगा। हेडलाइट बंद करके सिर्फ फॉग लाइट जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि दूर से आने वाले को अकेली फॉग लाइट्स दिखाई नहीं देती। अपने वाहनों में फॉग लाइट आवश्यक तौर पर लगवाएं, यह धुंध को काटने में मददगार साबित होती है।