रेवाड़ी। औद्योगिक क्षेत्र बावल में वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए साहबी नदी कैचमेंट एरिया तक पानी पहुंचाने हेतु आधुनिक पंप हाउस का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 7 करोड़ 35 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जारी टेंडर के अनुसार निविदाएं 17 जुलाई तक जमा होंगी और उसी दिन खोली जाएंगी। ये टेंडर 65 करोड़ रुपये की समग्र परियोजना तैयार हिस्सा है।
परियोजना के तहत सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए जाएंगे। पंप हाउस तैयार होने के बाद भारी बारिश के दौरान आईएमटी बावल में जमा वर्षा जल को तेजी से पंप कर साहबी नदी के कैचमेंट क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। इससे औद्योगिक इकाइयों, सड़कों और अन्य आधारभूत ढांचे को जलभराव से होने वाले नुकसान में कमी आने की उम्मीद है।
आईएमटी बावल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। मानसून के दौरान कई स्थानों पर जलभराव होने से उद्योगों के संचालन, कर्मचारियों की आवाजाही और माल परिवहन पर असर पड़ता है। नई परियोजना से पानी की त्वरित निकासी संभव होगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा।
जलभराव से उद्योगों और यातायात पर पड़ता है असर
आईएमटी बावल में मानसून के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। तेज बारिश के बाद सड़कों, औद्योगिक इकाइयों के आसपास और निचले इलाकों में पानी भर जाने से कर्मचारियों की आवाजाही और माल परिवहन प्रभावित होता है। ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव बढ़ने से पानी की निकासी में भी समय लगता है।
पहले 6.64 करोड़ की पाइपलाइन परियोजना को भी मिली मंजूरी
इससे पहले 6.64 करोड़ रुपये की लागत से जल निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने का टेंडर जारी किया जा चुका है। परियोजना के तहत हाईवे, रेलवे लाइन क्रॉसिंग और विभिन्न सड़कों के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से पाइपलाइन डाली जाएगी। इस तकनीक से सड़क या रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाए बिना भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा सकेगी और यातायात भी प्रभावित नहीं होगा।
65 करोड़ की पूरी योजना पर पहले हो चुका है विरोध
आईएमटी बावल की जल निकासी के लिए करीब 65 करोड़ रुपये की समग्र परियोजना तैयार की गई है। योजना सामने आने के बाद इसका विरोध भी हुआ था। विरोध करने वालों का कहना था कि बैराज क्षेत्र में जलभराव के कारण आसपास के 12 से अधिक गांव पहले ही प्रभावित हैं, ऐसे में नई व्यवस्था का असर गांवों पर भी पड़ सकता है।
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वर्जन
बावल का पानी साहबी बैराज तक छोड़ने के लिए परियोजना तैयार की जा रही है। सभी कार्यों के चरण तय किए गए हैं। यहां वर्षा का जल छोड़ा जाना है।
-गोपाल, एसडीओ, सिंचाई विभाग।