रेवाड़ी। त्योहारी सीजन में अपने घर जाने के लिए यूपी बिहार के लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल, सप्ताह में दो दिन चलने वाली ट्रेन पोरबंदर मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में शुक्रवार को भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई लोगों की ट्रेन ही छूट गई। रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से शुक्रवार को लंबी दूरी की केवल एकमात्र यही ट्रेन थी जो यूपी होते हुए बिहार तक जानी थी। ऐसे में भीड़ का होना भी लाजिमी था। जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी। हालात इतने ज्यादा खराब हुए की कई लोगों की तो ट्रेन ही छूट गई क्योंकि कुछ लोग ऐसे थे जो परिवार समेत अपने गांव की ओर जा रहे थे। ऐसे में इन लोगों को ट्रेन छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नजर नहीं आया। रिजर्वेशन डिब्बों का भी यही हाल था। वहां पर भी भीड़ काफी अधिक थी। कई लोग ऐसे थे जिनकी टिकट तो चालू थी, मगर भीड़ को देखते हुए उन्होंने रिजर्वेशन डिब्बे में पेनल्टी देकर सफर करने का फैसला किया। बता दें कि पोरबंदर मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस दिल्ली, लखनऊ, गोरखपुर होते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर तक जाती है।
छठ पर्व मनाने के लिए लोग जा रहे हैं अपने गांव
बिहार के जिला मुजफ्फरपुर निवासी मुकेश, रामलाल, राहुल ने बताया कि तीनों एक ही जिला के हैं। छठ पर्व मनाने के लिए उन्हें अपने गांव जाना है। वेटिंग अधिक होने की वजह से कंफर्म टिकट का भी मिलना काफी मुश्किल था। तत्काल टिकट के लिए भी कोशिश की। मगर उसकी भी टिकट नहीं मिली। फिर थक हार कर जनरल डिब्बे में जाने का फैसला किया। भीड़ इतनी ज्यादा है कि ट्रेन में घुसना काफी मुश्किल हो चुका है। मगर क्या करें मजबूरी है जाना ही पड़ेगा।
मुजफ्फरपुर पहुंचने में लगते हैं 18 घंटे
बता दें कि यह ट्रेन शनिवार को शाम 6 बदकर 10 मिनट पर मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि 18 घंटे तक लोग कैसे ट्रेन में सफर करेंगे क्योंकि दिल्ली में भीड़ और ज्यादा बढ़ जाती है। दिल्ली में जितने लोग रेवाड़ी से बैठते हैं, उसे दोगुना लोग वहां पर भी ट्रेन में चढ़ते हैं। कई लोग इसमें ऐसे भी होते हैं जो मुजफ्फरपुर तक जरूर जाते हैं, मगर उन्हें आगे भी जाना होता है।
अहमदाबाद-वाराणसी एक्सप्रेस की भी स्थिति खराब
दूसरी तरफ दोपहर के समय आई अहमदाबाद वाराणसी एक्सप्रेस की भी स्थिति कुछ इसी तरह की रही। यहां पर भी जनरल डिब्बों में बुरा हाल था। जैसे तैसे लोगों ने ट्रेन पकड़कर अपना सफर तय करने की ठानी। कई लोग ऐसे भी हैं जो लोग रेवाड़ी से दिल्ली तक के लिए सफर करते हैं और वहां से अपने गांव जाने के लिए ट्रेन पकड़ते हैं। क्योंकि रेवाड़ी से यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल जाने के लिए अधिक ट्रेन नहीं हैं।
टिकट लेने के लिए लग रही भीड़
टिकट काउंटर पर भी लोगों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। दूसरी तरफ जो टिकट काउंटर स्टेशन के बाहर हैं। वहां पर भी टिकट लेने के लिए लाइन लग रही है। कारण यह है कि यहां पर भीड़ कम होती है। ऐसे में लोग अतिरिक्त रुपये देकर टिकट लेने को मजबूर हैं।
29 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का हो रहा संचालन
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार त्यौहारों के अवसर पर यात्रियों को सुगम और बेहतर रेल सुविधा मिले इसके लिए उत्तर पश्चिम रेलवे पर समीक्षा कर विभिन्न स्थानों के लिए 29 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है तथा 30 नियमित ट्रेनों में 52 अतिरिक्त डिब्बें लगाकर प्रतीक्षा सूची को कम किया जा रहा है। रेलवे सभी यात्रियों से अनुरोध करता है कि वे किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन, स्टोव, माचिस, सिगरेट लाइटर और पटाखों सहित किसी भी विस्फोटक पदार्थ को साथ लेकर रेल यात्रा न करें।