कोसली। एसडीएम होशियार सिंह ने उपमंडल के किसानों से जल संरक्षण में सहयोग करने का आह्वान किया है। साथ ही कहा है कि सूक्ष्म सिंचाई की तकनीक जल संरक्षण में अहम साबित हो सकती है। इसको अपनाकर किसान कम पानी में भी अच्छी पैदावार ले सकते हैं और पानी भी बचा सकते हैं। साथ ही इससे अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी को समान रूप से पानी की कमी की समस्या से जूझना पड़ सकता है। गर्मी के मौसम में अब भी पानी की कमी देखी जाती है। ऐसे में सभी को एक साथ मिलकर जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा। सरकार भी इस ओर गंभीरता के साथ कदम उठा रही है और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की सूक्ष्म सिंचाई से संबंधित ऐसी ही एक योजना है, जिसका लाभ उठाकर किसान ना केवल पानी की बचत करने में सहयोग कर सकते हैं बल्कि कम पानी में अच्छा उत्पादन भी ले सकते हैं। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर 70 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा सकती है। सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ उठाने के लिए वेबसाइट पर जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई विधि में योजना के तहत ड्रिप स्प्रींकल पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत पुराने कुओं का पुनर्जन्म, छत के पानी का एकत्रीकरण, टिब्बे पर सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था तथा खेती योग्य भूमि को शत-प्रतिशत पानी के प्रबंधन की व्यवस्था भी शामिल हैं। योजना के तहत असिंचित क्षेत्र के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जा रहा है।