राकेश भार्गव, रंजना भार्गव -फाइल फोटो
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जोधपुर से रेवाड़ी आ रहे शहर के वरिष्ठ चिकित्सक दीपक कपूर के सास, ससुर व बुआ सास की जयपुर के निकट हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। तीनों का शव शुक्रवार को रेवाड़ी लाया गया। यहां दिल्ली रोड स्थित स्वर्गाश्रम में तीनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ जली तीनों की चिता को देखकर वहां खड़े हर शख्स की आंखें नम हो गई।
मूल रूप से जोधपुर निवासी 65 वर्षीय राकेश भार्गव मेटल के व्यापारी थे। उनका जोधपुर में अच्छा खासा कारोबार था। वह परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। राकेश भार्गव का विवाह रेवाड़ी की रहने वाली रंजना भार्गव के साथ हुआ था। राकेश भार्गव व रंजना की बेटी डॉ. वृतिका भार्गव कपूर और दामाद डॉ. दीपक कपूर रेवाड़ी में ही रहते हैं।
राकेश भार्गव ने कुछ समय पूर्व ही शहर की मनचंदा सोसायटी में फ्लैट लिया था। वीरवार को राकेश भार्गव अपनी पत्नी रंजना भार्गव व बहन सुषमा के साथ वैगनार कार में सवार होकर रेवाड़ी में लिए गए फ्लैट में शिफ्ट होने के लिए आ रहे थे। जयपुर के निकट हाईवे पर दूदू थाना क्षेत्र के रामनगर में ओवरटेक करने के चक्कर में सर्विस लाइन पर खड़े ट्रॉले में उनकी कार घुस गई। इस हादसे में राकेश भार्गव, रंजना भार्गव व सुषमा तीनों की मौत हो गई।
परिवार में छाया मातम
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की जानकारी मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद तीनों के शव को रेवाड़ी लाया गया, जहां उनका दिल्ली रोड स्थित स्वर्ग आश्रम में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में रेवाड़ी शहर के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
रेवाड़ी में फ्लैट लेने से खुश था भार्गव दंपती
राकेश भार्गव और रंजना भार्गव ने बड़े चाव से रेवाड़ी में फ्लैट लिया था। दोनों बेहद खुश थे कि अब वह अपनी बेटी डॉ. वृतिका और दामाद डॉ. दीपक कपूर के निकट ही रहेंगे। फ्लैट में रेनोवेशन का काम पूरा होने के बाद वह रेवाड़ी के लिए निकले थे। यहां उनकी बेटी डॉ. वृतिका को भी माता-पिता के आने का बेसब्री से इंतजार था लेकिन किसको पता था कि राकेश भार्गव, रंजना भार्गव और सुषमा की जगह उनके पार्थिव शरीर ही रेवाड़ी आएंगे।