भिवाड़ी। पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी टेल्को चौक अलवर निवासी ओमप्रकाश गुप्ता (57) और पूनम गुप्ता को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 2021 से फरार चल रहे थे और 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। आरोपियों के खिलाफ तिजारा, सदर अलवर और कुड़ी भगतासनी (जोधपुर) थानों में कई मामले लंबित हैं। भिवाड़ी एसपी प्रशांत किरण ने बताया कि घटना की शुरूआत 2021 से हुई जब शिकायतकर्ता शिखा यादव और उनके पति मनीष कुमार यादव तिजारा न्यायालय में किसी काम से गए थे।
वहां रिकॉर्ड रूम में ओमप्रकाश गुप्ता और पूनम गुप्ता ने उन्हें राजस्थान उच्च न्यायालय में क्लर्क की भर्ती का झांसा दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनकी विभाग में अच्छी पहुंच है और गारंटी से नौकरी लगवा देंगे।
इसके एवज में उन्होंने शिखा से 3.45 लाख रुपये वसूले। आरोपियों ने फर्जी परीक्षा आयोजित की, शैक्षणिक दस्तावेज जब्त किए और राजस्थान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के नाम से फर्जी जॉइनिंग लेटर जारी किया, जिसमें जूनियर ज्यूडिशियल असिस्टेंट की नौकरी का आश्वासन दिया गया।
जब शिकायतकर्ता को पता चला कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं, तो उन्होंने तिजारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
आरोपियों से पूछताछ है जारी
पुलिस टीम ने आरोपियों के रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन पता चला कि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी संबंध तोड़ लिए थे। खुफिया जानकारी जुटाने के बाद टीम को सूचना मिली कि आरोपी अमरोहा जिले के गजरौला इलाके में छिपे हैं। टीम ने वहां दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी नौकरी के नाम पर हो रही ठगी के खिलाफ एक बड़ा कदम है। आरोपियों से आगे पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य पीड़ितों और गिरोह के सदस्यों की जानकारी निकल सकती है।