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204 स्थानों पर मिले मलेरिया के लारवा, फॉगिंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं

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नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने वालों की भीड़ - फोटो : Rewari
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स्वास्थ्य विभाग की जांच में शहर के साथ गांवों में 204 स्थानों पर मलेरिया के लारवा पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इनको नोटिस दिया है, लेकिन बड़ा सवाल है कि बीमारी से निपटने के लिए जिम्मेदारों के पास पर्याप्त संसाधन तक नहीं है। यही कारण है कि शहर के नागरिक अस्पताल में मच्छर जनित रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
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तीन साल पहले सरकार की ओर से नए नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती विभाग व शहर क्षेत्रों में स्थानीय निकायों की ओर से फॉगिंग कराई जानी थी। लेकिन हालात ऐसे हैं कि रेवाड़ी ब्लॉक के पास 94 पंचायतों के लिए महज 2 मशीन हैं। ऐसे में किस तरह से फॉगिंग हो पाएगी इस पर भी जिम्मेदारों के अजीब जवाब हैं। रेवाड़ी नगर परिषद के पास भी एक वाहन से संचालित व दो हाथों से चलने वाली फॉगिंग मशीन है, लेकिन फॉगिंग अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। शायद जिम्मेदार बीमारी फैलने का इंतजार कर रहे हैं।
बावल ब्लॉक में एक भी मशीन नहीं, टेंडर में अटके जिम्मेदार
लोगों के स्वास्थ्य के लिए प्रति जिम्मेदार कितने संवेदनशील हैं, इसका उदाहरण बावल ब्लॉक के अधिकारी हैं। जो कार्य तीन साल पहले हो जाना चाहिए थे, वहां पर आज तक एक भी मशीन की खरीद नहीं हो पाई है। बावल ब्लॉक के बीडीपीओ ने कहा कि मशीन खरीद के लिए टेंडर किए जा रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि जब तक टेंडर कर मशीनें खरीदी जाएंगे, जब तक मच्छरों से बीमार लोग अस्पतालों में पहुंच चुके हैं। क्या ऐसे में जिम्मेदारों की कोई जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए।
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जनस्वास्थ्य मंत्री के शहर में भी फॉगिंग मशीन नहीं
बावल शहरी क्षेत्र में फॉगिंग कराने का जिम्मा नगर पालिका बावल का है। बीते साल भी नपा के पास फॉगिंग मशीन नहीं थी, हालात ऐसे हैं कि बरसाती मौसम का आधा समय बीत जाने के बाद भी खरीद नहीं हो पाई है। बड़ा सवाल है कि बावल शहर जन स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. बनवारी का ग्रह क्षेत्र है। यहां पर अधिकारी इतने संवेदनशील हैं तो बाकी जगहों के हालात आसानी से समझे जा सकते हैं। नपा सचिव कर्मबीर से बात करने पर उन्होंने कहा कि 2-3 दिन में मशीनों की खरीद कर ली जाएगी।
नाहड़ ब्लॉक में सबसे ज्यादा 24 मशीन
कुछ ब्लॉक के अधिकारी जहां अभी भी टेंडर आदि का बहाना बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नाहड़ ब्लॉक में बीते साल ही 24 फॉगिंग मशीन की खरीद कर ली गई थी। इसके अलावा खोल में 5, नाहड़ में एक ही मशीन सभी पंचायतों के लिए खरीदी गई है। रेवाड़ी ब्लॉक में भी बालियार व खरखड़ा पंचायतों के पास ही फॉगिंग मशीन हैं।
गंदे पानी में पनपता है मलेरिया का लारवा
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि मलेरिया का लारवा गंदे पानी में पनपता है। लोगों की छतों पर पड़े खाली सामान, कूलर आदि में पानी रुका होने के चलते भी लारवा पनप रहा है। इसके अलावा गलियों में भरे पानी को में भी तेल आदि डालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभी तक 204 स्थानों पर मलेरिया के लारवा पाए जाने पर नोटिस दिए गए हैं। सभी को जागरूक होना जरूरी है तभी मच्छर जनित बीमारियों से निजात पाई जा सकती है।
वायलर फीवर के बढ़ रहे हैं केस सावधानी जरूरी : डॉ. रणबीर
शहर के नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि बीते कुछ दिनों में गंदा पानी पीने व मच्छर जनित बीमारियों के केस बढ़े हैं। वायरल फीवर में प्लेटलेट्स कम होने केस आ रहे हैैं। हालांकि अभी तक डेंगू पॉजिटिव नई आया है, लेकिन सावधान जरूरी है। डॉ सिंह ने कहा कि इस मौसम में साफ पानी पीने के साथ ही ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसके अलावा मच्छरों से बचने के लिए पुरी आस्तीन के कपड़े पहने जरूरी हैं। इसके अलावा रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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