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महाराष्ट्र में आत्महत्या कर चुके किसान परिवारों की महिलाओं ने खेड़ा बॉर्डर पहुंचकर किया अनशन

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हरियाणा-राजस्थान सीमा के खड़ा बॉर्डर पर महारष्ट्र से आई महिलाएं 24 घंटे के अनशन में शामिल होते हुए? - फोटो : Rewari
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अमर उजाला ब्यूरो
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रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे की हरियाणा-राजस्थान सीमा के खेड़ा बॉर्डर पर 26 दिन से चल रहे आंदोलन में वीरवार को महाराष्ट्र में आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों की महिलाओं ने 24 घंटे का अनशन शुरू किया। खेड़ा बॉर्डर, संगवाड़ी, मसानी बैराज व रेवाड़ी-रोहतक गंगायचा टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में वीरवार को किसान ट्रैक्टर मार्च में शामिल नहीं हो सके। संयुक्त किसान मोर्चा के डॉ. संजय माधव ने बताया कि 11 बजे बुधवार से बैठे अनशनकारियों का अनशन खुलवा कर 11 नए अनशनकारियों को बैठाया गया। इनमें महाराष्ट्र में आत्महत्या कर चुके 14 किसानों के परिवारों की महिलाओं ने क्रमिक अनशन शुरू किया।
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राजस्थान से किसान पहुंचे ट्रैक्टर में सवार होकर
खेड़ा बॉर्डर पर वीरवार को भी किसानों के आने का सिलसिला जारी रहा। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचे। वहीं चेतन डूडी, अमरजीत फौजी, छगन चौधरी, पेमा राम, रामप्रसाद जांगिड़, भगीरथ नेतड़, भारत ढाका, नामदेव गावड़े, सुभाष लांडे, प्रकाश रेड्डी, कामरेड राम बाहेती, ताराराम मेहना, कर्नल अर्जुन सिंह बुढ़ानिया, नारायण डूडी, राजाराम मील, बलबीर छिल्लर, करण सिंह कोकणी, किशोर धमाले, लीलाबाई वकवी, आरटी गावीत, सुभाष काकुस्ते, प्रशांत सोनुने, आबिद हुसैन, मंगेज चौधरी, सोहन ढिल, शमशेर फौगाट, चौधरी बलवंत सिंह, एआर सिंघु, जगमति सांगवान, सविता, जय भगवान, मुकेश भींचर, श्योताज सरपंच, बस्तीराम प्रधान, बलवान पूनियां, राजकुमार हड़ौदी, ऊषारानी, ऊषा सरोठा, राम निवास कूकना, राजेश ढाका व योगेंद्र यादव सहित अनेक नेताओं ने किसानों को संबोधित किया।
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