फोटो : 10पंजाबी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे गणमान्य। स्रोत : संस्था
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रेवाड़ी। हमारा परिवार संस्था के तत्वाधान में रामनवमी के पावन अवसर पर प्रभु राम की आराधना का कार्यक्रम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आयोजन पंजाबी धर्मशाला में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रमुख शिक्षाविद प्रो. सीएल सोनी, नव प्रेरणा के प्रधान हरीश मलिक पहुंचे।
संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने कहा कि प्रभु श्री राम ने मानव रूप में अवतार लेकर उच्चतम मर्यादाओं को कर दिखाया। 14 वर्ष वनवास का आदेश मिलने पर प्रभु राम, भैया लक्ष्मण व पत्नी सीता के साथ वनवास चले गए। छोटे भाई भारत जब वापस लौटे तो वह तुरंत प्रजा जनों को साथ लेकर राम को लाने वन पहुंचे।
राजा जनक व गुरु वशिष्ठ ने भी आग्रह किया कि छोटे भाई भारत का अनुरोध स्वीकार कर वापस अयोध्या लौट आए, लेकिन प्रभु राम ने विनम्रता पूर्वक कहा कि भले ही मेरे प्राण चले जाए लेकिन मैं पिता को दिया हुआ वचन हरगिज नहीं टाल सकता। संस्था के प्रधान अरुण गुप्ता, शिक्षाविद डॉक्टर बलबीर अग्रवाल व एचएमवीए के प्रधान राम रतन यादव ने कहा कि प्रभु राम समुद्र से मार्ग मांगने के लिए उनके सामने तीन दिन प्रार्थना करते रहे। जब उसने मार्ग ना दिया तो उन्होंने अपने बाण का लक्ष्य किया।
तुरंत समुद्र देवता प्रकट हुए और पुल बनाने का मार्ग बताया। आए हुए अतिथियों को भगवान राम, श्री कृष्णा व शिव परिवार के चित्र भेंट किए गए। कार्यक्रम में समाजसेवी राजेंद्र गेरा, प्रवक्ता देवेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम नंदवानी, सुदर्शन मेहंदीरत्ता, लक्ष्मी नारायण, राहुल, नयन शर्मा, किशोरी नंदवानी, लक्ष्मण दास सचदेवा व साथियों ने सहयोग किया।