भाड़ावास रेलवे फाटक पर मिले विशेष समुदाय के व्यक्ति को अस्पताल ले जाते हुए
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रेवाड़ी। दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी एक संदिग्ध व्यक्ति को वीरवार को पुलिस ने रेवाड़ी शहर के भाड़ावास रेलवे फाटक के समीप से पकड़ा है। फिलहाल उसे आईसोलेशन कर दिया गया है और सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। प्राथमिक जांच में पुलिस का कहना है कि पकड़ा गया व्यक्ति करीब 20 दिन पहले दिल्ली से अजमेर के लिए निकला था। अजमेर में दरगाह पर चद्दर चढ़ाकर लौट रहा था, लेकिन रेवाड़ी शहर में वीरवार को लोगों की जागरूकता के चलते पकड़ा गया।
वीरवार की सुबह एक व्यक्ति भाड़ावास फाटक के निकट घूमता हुआ दिखाई दिया। संदेह होने पर लोगों ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने स्वयं को दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी बताया। उसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि पूछताछ में बताया है कि वह तब्लीगी जमात में भी शामिल हुआ था, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि तबीयत ठीक होने के बाद पूछताछ में ही सभी पता चल सकेगा।
सैंपल लेकर भेजा जांच के लिए
स्वास्थ्य विभाग ने युवक के सैंपल लेने के बाद जांच के लिए लैब भेज दिए है तथा रिपोर्ट का इंतजार है। युवक पैदल कैसे अजमेर तक पहुंचा तथा वापस रेवाड़ी तक आ गया था। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह इस दौरान कहां-कहां गया तथा किस-किस के संपर्क में आया। व्यक्ति के भाड़ावास रेलवे फाटक के समीप मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र को सैनिटाइज कराया है।
बड़ा सवाल: रेवाड़ी कैसे पहुंचा
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली से अजमेर और अजमेर से वापस रेवाड़ी के बीच की दूरी करीब 675 किलोमीटर की है। जबकि राजस्थान सहित अन्य जिलों को जोड़ने वाली सीमाओं पर पुलिस की ओर से कड़ा पहरा लगाकर सील किया हुआ है। इसके बाद भी विशेष समुदाय से संबंध रखने वाला व्यक्ति कैसे रेवाड़ी में पहुंच गया।
अजमेर दरगाह पर चद्दर चढ़ाकर लौटते समय पकड़ा: डीएसपी
डीएसपी हंसराज ने बताया कि लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को काबू कर पूछताछ की है। उसेे अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा दिया है। वह स्वयं को दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी बता रहा है। अजमेर दरगाह पर चद्दर चढ़ा कर पैदल ही लौट रहा था। तब्लीगी जमात में शामिल हुआ था या नहीं इसकी जांच की जा रही है।