फोटो : 12एनएसएस शिविर के छठे दिन डिजिटल लिटरेसी, साइबर क्राइम एवं यातायात नियमों पर व्याख्यान
रेवाड़ी। केएलपी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत सात दिवसीय शिविर के छठे दिन की शुरुआत आर्य समाज मंदिर बीकानेर में सरस्वती मां के चरणों में दीप प्रज्वलित कर की गई।
महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी-सेंटर फॉर प्रोफेशनल एंड एलाइड स्टडीज, गुरुग्राम के प्रबंधन विभाग से डॉ संदीप अग्रवाल ने डिजिटल साक्षरता पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल साक्षरता किसी व्यक्ति की टाइपिंग या डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके जानकारी खोजने, उसका मूल्यांकन करने और संचार करने की क्षमता है। राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन की शुरुआत वर्ष 2020 तक भारत के प्रत्येक घर में कम-से-कम एक व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाने के उद्देश्य से की गई है। प्रोग्राम ऑफिसर महेंद्र सांभरिया ने एक पौधा देकर उनका धन्यवाद किया।
ट्रैफिक पुलिस विभाग से आए हुए शिवभूषण ने यातायात के नियमों और रमेश वशिष्ठ ने साइबर क्राइम पर व्याख्यान दिया और साइबर क्राइम नंबर 1930 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना से बचने के लिए, सतर्क रहना चाहिए और यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
सीट बेल्ट और हेलमेट का जरूर इस्तेमाल करें, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें, नींद पूरी करे, ओवर स्पीड से बचें, शराब पीकर गाड़ी न चलाएं, मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचें। उन्होंने स्वयंसेवकों को साइबर क्राइम के बचाव के उपायों से अवगत कराया। डॉ. रेखा शर्मा ने अतिथियों का धन्यवाद किया। शिविर के आयोजन में दयाराम आर्य, धर्मपाल, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. पारूल मित्तल और राकेश कुमार आदि का योगदान रहा।