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जिंदगी अनमोल है...सड़क पर चलते समय अपना और दूसरों का रखें ध्यान

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डॉ. वृत्तिका। - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। सड़क हादसे में अपनों को खो चुकीं शहर की मूल निवासी डॉ. वृत्तिका ने वाहन चालकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि जिंदगी अनमोल है। सड़क पर चलते समय वाहन चालक अपना और दूसरों का ध्यान जरूर रखें। साथ ही यातायात नियमों का पालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि हादसे में माता-पिता को खोने के बाद उनके परिवार की जिंदगी ही बदल गई है।
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उन्होंने बताया कि उनके पिता राकेश भार्गव परिवार के साथ जोधपुर में रहते थे। उन्होंने रेवाड़ी की मनचंदा सोसायटी में फ्लैट लिया और जोधपुर से अपना सारा कारोबार शिफ्ट करके रेवाड़ी में बसने का निर्णय लिया। सब कुछ तय फैसले के अनुसार चल रहा था कि हादसे में इनके परिवार की किस्मत बदल दी। वह जोधपुर से कार से रेवाड़ी आ रहे थे। रास्ते में एक ट्रॉला इनकी कार के आगे चल रहा था। इस दौरान उसके चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इससे कार ट्रॉला के पीछे घुस गई। उस हादसे में उनके पिता राकेश भार्गव, उनकी मां रंजना भार्गव और बहन बबीता भार्गव की मौत हो गई।
उन्होेंने बताया कि उनकी सबसे बड़ी रुबी आईटी कंपनी में उच्चाधिकारी हैं। मध्यम बेटी कोजी हैदराबाद में सीए हैं। वह सबसे छोटी बेटी हैं और पेशे से डाक्टर हैं। इनके पति डॉ. दीपक कपूर बताते हैं कि जब यह हादसा हुआ तब डॉ. वृतिका कपूर की गोद में डेढ़ साल का बेटा था। इनका एक बेटा छह साल का है। परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। डॉ. दीपक कपूर ने हादसे के बाद मौके से हादसे की शिकार हुई कार से तीनों लाशों को निकलवाकर रेवाड़ी तक पहुंचाने का काम किया। डा. वृतिका और उनकी दो अन्य बहनें इस हादसे से बड़े सदमे में थी।
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डॉ. वृत्तिका कपूर ने कहा कि हम तो भगवान से यही दुआ करते हैं कि ऐसा किसी के साथ न हो। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सड़क पर चलने वाले वाहन चालक सब लोग यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों का हरसंभव पालन करें। आम राहगीर भी सड़क पर चलते हुए सावधानी बरते। दुपहिया वाहन चालक हेल्टमेट लगाकर चलें।
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सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी
सड़क पर पैदल, दोपहिया और चार पहिया वाहन चलाने वालों के लिए अलग-अलग सुरक्षा नियम हैं। दो पहिया वाहन चालक हेलमेट पहनें। उन्होंने कहा कि चालक निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं। सामान्य तौर पर लोगों को सड़क पर वाहन चलाते वक्त आगे पीछे के दो वाहनों के बीच में कितनी दूरी होनी चाहिए, इस बात की जानकारी तक नहीं। प्रेशर हॉर्न गाड़ी में लगे होने पर 10 हजार और बजाने पर 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। यातायात नियमों की अवहेलना करते हुए सड़क से वाहन चलाना या पैदल चलना भी अपनी जान को जोखिम में डालना है। ऐसा लोगों को नहीं करना चाहिए।
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- राजेश कुमार डीएसपी बावल।
फोटो-10 व 11

डॉ. वृत्तिका के पिता और माता व बुआ। - फोटो : Rewari

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