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Rewari News: रेड जोन में जान...एक्यूआई 412

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फोटो: 17रेवाड़ी। गढ़ी बोलनी रोड पर सुबह के समय छाया प्रदूषण। संवाद
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रेवाड़ी। दीपावली पर हुई भयंकर पटाखेबाजी से जिले का प्रदूषण स्तर रेड जोन में पहुंचकर मंगलवार को एक्यूआई 400 पार कर गया। दिवाली के दिन प्रदूषण का स्तर 377 पहुंच गया था। मौजूदा प्रदूषण का स्तर रेड जोन में पहुंच गया है। यह काफी गंभीर श्रेणी मानी जाती है। रविवार तक प्रदूषण का स्तर 200 के आसपास था। दिवाली के बाद ही प्रदूषण का स्तर एकदम से काफी बढ़ा है।
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सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों पटाखों पर बैन में ढील दी थी और सिर्फ ग्रीन पटाखे फोड़ने के इस्तेमाल की इजाजत दी थी। उसके बावजूद प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ चुका है।
पिछले कुछ सालों की बात करें तो 2023 में सबसे ज्यादा प्रदूषण का स्तर दिवाली के बाद 343 पहुंचा था। 2024 में प्रदूषण का स्तर 260 था। इस बार प्रदूषण का स्तर पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा दर्ज किया गया है।
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मौजूदा समय में ग्रैप 2 की पाबंदियां लागू हैं। अभी जो प्रदूषण का स्तर दर्ज किया जा रहा है, उसे देखते हुए ग्रैप 4 की पाबंदियां लागू होनी चाहिए। इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है, अगर ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही सख्त पाबंदियां लागू हो सकती हैं।

बहुत खराब श्रेणी में माना जाता है मौजूदा एक्यूआई

एक्यूआई 201-300 को खराब श्रेणी माना जाता है और इस दौर में जीआरएपी का स्टेज-1 लागू किया जाता है।
वहीं, एक्यूआई 301 से 400 को ''''बहुत खराब'''' श्रेणी माना जाता है और इस स्थिति में जीआरएपी स्टेज-2 लागू किया जाता है।
एक्यूआई 401-500 (गंभीर श्रेणी) में प्रदूषण होने पर जीआरएपी स्टेज-3 और एक्यूआई 450 (बेहद गंभीर) पार होने पर जीआरएपी स्टेज-4 लागू किया जाता है। जैसे-जैसे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, हर एक स्तर पर प्रतिबंध भी कड़े होते जाते हैं।

ये हो सकती है बीमारियां
एक्यूआई 400 के पार होने पर सबसे ज्यादा डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। साथ ही प्रदूषण सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस का कारण भी बन रही है। वहीं, इससे आंखों की समस्यां जैसे पानी आना, आंखों में लालीपन हो सकता है।


अभी ये पाबंदियां है लागू
अभी ग्रेडेड रिस्पाॅन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का स्टेज-2 लागू है। यह निर्णय तब लिया गया जब दिल्ली का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। आवश्यक व आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, डीजल जनरेटर सेटों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा है। बिजली एजेंसियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (सीएंडडी) स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए निरीक्षण और बढ़ा दिए गए हैं। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-6 डीजल से चलने वाली अंतर-राज्यीय बसें ही दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगी। ढाबों, होटलों और खुले भोजनालयों में कोयला या लकड़ी जलाने पर पहले से ही प्रतिबंध है, जिसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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