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Rewari News: वकीलों का प्रदर्शन जारी, एसडीएम के तबादले की मांग

Tue, 21 Jul 2026 05:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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जिला बार एसोसिएशन परिसर में धरने पर बैठे वकील। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। एसडीएम (रेवाड़ी) सुरेश कुमार के तबादले की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन परिसर में धरना प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। वकीलों ने कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ता अदालतों में पेश नहीं हुए और एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने आरोप लगाया कि एसडीएम के व्यवहार से अधिवक्ताओं और आम लोगों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि एसडीएम हर मामले के निपटारे के लिए सुविधा शुल्क की तलाश करते हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार केवल 47-ए स्टांप ड्यूटी एक्ट के तहत एसडीएम की अदालत में अब तक निपटाए गए मामलों के निर्णयों की जांच करा ले तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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प्रधान ने बताया कि एसडीएम के दुर्व्यवहार और कथित मनमाने रवैये के विरोध में अधिवक्ताओं ने 16 अप्रैल से ही उनकी अदालत का बहिष्कार किया है। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता इससे पहले जिले के तीनों विधायकों, जिला उपायुक्त और जिला एवं सत्र न्यायाधीश को एसडीएम के आचरण से अवगत करा चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर अब वकीलों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
बार एसोसिएशन के प्रधान ने पाल्हावास तहसील की अदालत को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के आदेश के बाद पाल्हावास तहसील की अदालत रेवाड़ी सचिवालय परिसर में लगती थी लेकिन अब इसे दोबारा पाल्हावास तहसील में लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिवक्ताओं के साथ पक्षकारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

सरकार से हस्तक्षेप कर समाधान की मांग

वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार एसडीएम का तबादला नहीं करती, तब तक अदालतों के कामकाज का बहिष्कार जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की। धरना स्थल पर वरिष्ठ अधिवक्ता अमरजीत यादव, मुकेश गुप्ता, एसएन वशिष्ठ, रघुवीर सिंह यादव, विवेक यादव, यशपाल यादव, चौधरी चरण सिंह, शौकीन शर्मा, अनिल कुमार अत्रि, जसवीर सिंह यादव, अश्वनी तिवारी, नरेश यादव, उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार यादव, सहसचिव मोनू कुमार, कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा आदि मौजूद रहे।
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रोजाना 2 हजार केसों की होती है सुनवाई
वरिष्ठ एडवोकेट अश्वनी तिवारी ने बताया कि जिला न्यायालय में 18 से अधिक छोटी-बड़ी अदालतें संचालित होती हैं। इनमें प्रतिदिन करीब दो हजार मामलों की सुनवाई होती है। केवल दो अदालतों में ही शुक्रवार को 100 से अधिक सिविल और आपराधिक मामले सूचीबद्ध थे। हड़ताल के कारण इनकी सुनवाई नहीं हो सकी।
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