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Rewari News: महिला वकीलों की सुरक्षा में कानून बने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए

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रेवाड़ी। जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी के परिसर में सोमवार को अमर उजाला की तरफ से अधिवक्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही बताया कि उन्हें बिना सरकारी सहायता से किस तरह से अपना पूरा जीवन यापन करना पड़ता है।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि दिल्ली की तर्ज पर 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी हरियाणा में भी लागू होनी चाहिए। अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। वहीं, पांच साल तक प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि सरकार से दिए जाने और सभी अधिवक्ताओं का टोल फ्री किए जाने की मांग है।
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने बताया कि कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस हेल्थ सुविधा भी मिले। जब विद्यार्थी वकालत करके प्रैक्टिस के लिए कोर्ट में आते हैं तो उनके लिए सरकार की तरफ से कोई भी फंड नहीं दिया जाता है। ऐसे में शुरुआती दिनों में उन्हें परेशानी होती है। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर कोई सहायता मिलेगी तो काफी फायदा होगा।
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संवाद कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

संवाद कार्यक्रम में पूर्व प्रधान एडवोकेट सौरभ राव, एडवोकेट सोमेंद्र यादव, एडवोकेट सतीश शर्मा, एडवोकेट रण सिंह, एडवोकेट किरण पोसवाल, एडवोकेट दिनेश लखेरा, एडवोकेट नरेश यादव, एडवोकेट ललित सैनी, एडवोकेट यशपाल, एडवोकेट भूपेंद्र, एडवोकेट त्रिलोकचंद, एडवोकेट सुभाष खुराना व अन्य मौजूद रहे।



वकीलों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट पास होना था, मगर नहीं हुआ। पड़ोसी राज्य राजस्थान में यह एक्ट पास हो चुका है। हरियाणा में आए दिन वकीलों के साथ मारपीट व अन्य घटनाएं होती हैं। हम जनता की सेवा के लिए हैं। कई बार हमारे साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है। इस वजह से एडवोकेट एक्ट लागू होना बहुत जरूरी है। एक सरकार से अनुरोध है कि जब जूनियर वकील का शुरुआती समय होता है तो उसके पास फाइल नहीं होती है। वह घर से आता है तो खाली बैठकर चला जाता है। उनके लिए फंड होना चाहिए, ताकि वह अपनी पूरी तैयारी कर सकें और अपना भविष्य सुधार सकें।

-विश्वामित्र यादव, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन रेवाड़ी।



महिला वकीलों के लिए स्पेशल कानून बनना चाहिए। पिछले दिनों एक महिला अधिवक्ता की हत्या कर दी गई थी। जब हड़ताल की तभी कार्रवाई अमल में लाई गई। नहीं तो न्याय मिलने में लंबा समय लग जाता। अगर हम जाकर कहीं पर यह कहते हैं कि हम अधिवक्ता हैं, हमें लोन चाहिए। लोन नहीं मिलता है। हमें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं मिलती है। सरकार से अनुरोध है कि वकीलों के लिए एक स्पेशल एक्ट बनाया जाए।

-एडवोकेट किरण पोसवाल


कोई भी वकील थाने में जाता है तो तुरंत उसकी शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। इन्वेस्टिगेशन बाद का हिस्सा है। नए विद्यार्थी वकालत करके यहां पर आते हैं, उनके लिए फंड की व्यवस्था होनी बहुत जरूरी है, ताकि आरंभिक दिनों में अपना समय अच्छे से निकाल सकें।

-एडवोकेट, मोनिका यादव



वकीलों के लिए हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस होना चाहिए। पूरा जीवन वकीलों का संघर्ष से ही निकल जाता है। उसके बावजूद सरकार की तरफ से कोई भी ध्यान नहीं दिया जाता है। अगर सरकारी सहायता मिलेगी तो वकील भी अपना जीवन यापन अच्छे से कर पाएगा। इसके लिए सरकार से सहयोग की जरूरत है।

-एडवोकेट टार्जन यादव, जॉइंट सेक्रेटरी



एडवोकेट एक्ट जरूर लागू होना चाहिए, यह मांग लंबे समय से की जा रही है। मगर अभी तक इस पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। वकीलों के लिए यह एक्ट बहुत जरूरी है। मांगे है कि जल्द से जल्द यह एक्ट लागू हो।

-एडवोकेट, कपिल

एडवोकेट के लिए पेंशन की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रोटेक्शन एक्ट हमारे लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। अधिवक्ताओं की समिति भी होनी चाहिए। बहुत से एडवोकेट बाहर से आते हैं, उनके लिए रहने की व्यवस्था नहीं हो पाती है सरकार की तरफ से ऐसे वकीलों को प्लाॅट दिया जाना चाहिए, पहले यह सुविधा मिली भी थी।

-एडवोकेट सतीश शर्मा

सरकार वकीलों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती है।
सरकार के पास हमारे लिए कोई भी विशेष प्रावधान व एजेंडा नहीं है। हम चाहते हैं कि हमारे लिए विशेष फंड की व्यवस्था की जाए। जब वकील पढ़ाई करके आता है तो उसका जीवन काफी संघर्ष भरा रहता है। हमारे भविष्य का भी ध्यान रखा जाए।

एडवोकेट, नरेश यादव


वकीलों के लिए कोई भी सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं है। काफी हैरानी वाली बात है। हमारी मांग है कि वकीलों को उचित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। सुरक्षा के लिए एक्ट लागू किया जाए।
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एडवोकेट, विनोद
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