संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में 200 बेड के नागरिक अस्पताल के लिए अब रामगढ़ भगवानपुर में 7 एकड़ से ज्यादा जमीन चिह्नित कर ली गई है। अब इसका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा।
अस्पताल के लिए पिछले कई वर्षों से जमीन की तलाश की जा रही है। गोकलगढ़ में अस्पताल के लिए जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन फाटक को लेकर अड़चन आ गया। ऐसे में अब रामगढ़ भगवानपुर की जमीन पर विचार किया जा रहा है। मुख्यालय से रामगढ़ भगवानपुर स्थित जमीन की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रामगढ़ भगवानपुर में भी पहले ही जमीन देखी गई थी। वहीं अभी तक जमीन का पेच दूर न होने से बड़ी समस्या बनी हुई है। क्योंकि पुरानी बिल्डिंग में ही जोड़तोड़ करके ओपीडी चलाई जा रही है।
200 बेड भी इधर-उधर ही लगाए गए हुए हैं। गायनी वार्ड तो पूरी तरह भरा हुआ लगता है। बेड लगने के बाद निकलने तक की जगह नहीं रहती है। ऐसा ही हाल नई बिल्डिंग में चल रहे लैब टेस्टिंग का है। अगर नई बिल्डिंग का निर्माण जल्द होता है तो जिले के लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बेहतर सुविधा मिल सकती है।
सिविल अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट खोलने के लिए जगह ही नहीं है। इस वजह से लोगों को कैथ लैब जैसी सुविधा नहीं मिल पा रही है,जबकि इसका 35 करोड़ रुपये का बजट भी आया हुआ है। जगह हो तो इसका निर्माण किया जा सकता है। इसके अलावा अस्पताल में बेहतर तरीके से आईसीयू भी संचालित नहीं हो पा रहा है।
गायनी वार्ड में सबसे बड़ी दिक्कत है। यहां पर बेड भी जोड़तोड़ करके ही लगाए गए हैं। इसमें मदर केयर यूनिट भी है। जगह के अभाव में बेड भी पर्याप्त नहीं हैं। जिससे गायनी वार्ड में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुरानी बिल्डिंग में चल रहे ब्लड बैंक में भी जगह की कमी है। दूर से ब्लड बैंक दिखाई नहीं देता है। वहीं नई बिल्डिंग में चल रही लैब है। टेस्टिंग के लिए भी जगह कम है। यहां छोटे-छोटे कैबिन बनाए हुए हैं।
फिलहाल चिकित्सक पर्याप्त है। यहां पर मेडिसिन से लेकर सर्जन और अन्य चिकित्सक भी है। लैब में पैथोलॉजिस्ट भी पूरे हैं। हालांकि अब एक्स-रे मशीन संचालित करने के लिए रेडियोग्राफर की संख्या कम हैं।
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वर्जन:
गोकलगढ़ की जमीन में कुछ बाधाएं हैं। इसलिए रामगढ़ भगवानपुर की जमीन पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इसका प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जाएगा। स्वीकृति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। - डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।