रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़ी लिथोट्रिप्सी मशीन मरम्मत के बाद फिर संचालित कर दी गई है। इसके शुरू होने से अब गुर्दे एवं मूत्र मार्ग की पथरी से पीड़ित मरीजों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने से छुटकारा मिलेगा।
लिथोट्रिप्सी एक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी तकनीक है, जिसके माध्यम से बिना बड़े ऑपरेशन के शॉक वेव्स की सहायता से पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर प्राकृतिक रूप से शरीर से बाहर निकाला जाता है। इस प्रक्रिया से मरीज को कम दर्द होता है और अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।
मशीन के लंबे समय तक बंद रहने से पथरी के मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था, जहां उपचार पर अधिक खर्च आता था। अब यह सुविधा दोबारा शुरू होने से मरीजों का समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही उन्हें सरकारी अस्पताल में ही विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा।
प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुरेंद्र ने बताया कि नागरिक अस्पताल में आमजन को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से अस्पताल की महत्वपूर्ण मशीनों और उपकरणों को नियमित रूप से कार्यशील बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लिथोट्रिप्सी मशीन के दोबारा शुरू होने से पथरी के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।