रेवाड़ी। सहकारिता विभाग की संस्थाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (पैक्स) में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिला रेवाड़ी की 5 पैक्स का इसके लिए चयन किया गया है, जहां पर किसानों को खाद-बीज तो पहले की तरह ही मिलता रहेगा, जबकि अब आम लोग यहां से जेनेरिक दवाइयां भी खरीद सकेंगे। सरकार की तरफ से इसके लिए खुद पैक्स प्रबंधन समितियों के माध्यम से आवेदनों की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। इसमें जिला की पांच पैक्स का चयन किया गया है और आवेदन के साथ तय नॉर्म्स पूरी करने वाली पैक्स को इनका लाइसेंस दिया जा रहा है। राज्य में 2 हजार जन औषधि केंद्र खोले जाने की तैयारी है। इस आवेदन प्रक्रिया के बाद दूसरी जरूरी औपचारिकता पूरी कर सरकार की ओर से पैक्स में दवाइयां उपलब्ध करवाकर जन औषधि केंद्र शुरू कराए जाएंगे। इन जन औषधि केंद्रों के शुरू हो जाने के बाद गांवों में लोगों को सस्ती दर पर दवाइयां मिल सकेंगी।
इन पैक्स का किया गया चयन
जिले में जिन पैक्स का चयन किया गया है, उनमें मोतला कलां, धारूहेड़ा, सुलखा, जौनावास व गुड़ियानी शामिल हैं। इन पैक्स में अब खाद-बीज के साथ ही लोगों को जेनेरिक दवाइयां भी मिल सकेंगी। लोगों को महंगी ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में यह जेनेरिक दवाइयां 50 प्रतिशत से भी ज्यादा सस्ती दर पर मिलेगी।
पैक्स की बढ़ेगी आय
हरियाणा राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के निर्णय के अनुसार दिसंबर तक यह जन औषधि केंद्र शुरू हो जाएंगे। इससे बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार मिलेगा। साथ ही इससे सहकारी समितियों की भी आय बढ़ेगी। इन केंद्रों पर सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
पैक्स को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला
जिले की 5 पैक्स में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए नियमानुसार आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इनमें जेनेरिक औषधि केंद्र शुरू हो जाएंगे।
-वीरपाल चौहान, मैनेजर, प्राथमिक कृषि ऋण समिति, गुड़ियानी