अश्विनी तिवारी
रेवाड़ी। शहर के मोहल्ला छिपटवाड़ा निवासी अजय कुमार को मकान बनवाने के बाद 15 वर्ष तक कब्जा प्रमाण पत्र जारी नहीं करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने हरियाणा विकास शहरी प्राधिकरण (पूर्व में हुडा) के तत्कालीन स्टेट ऑफिसर के वेतन से काटकर 3 लाख रुपये शिकायत कर्ता को देने के आदेश दिए हैं।
छिपटवाड़ा निवासी अजय कुमार ने सेक्टर-3 में दस मरला का प्लॉट नंबर 741 खरीदा था। उन्होंने मकान बनवाने के बाद कब्जा प्रमाणपत्र लेने के लिए 30 दिसंबर 2008 को आवेदन किया गया था। आरोप है कि हुडा कार्यालय में कब्जा प्रमाणपत्र जारी करने से मना कर दिया गया और प्लॉट के आवंटन को निरस्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया। ऐसे में लगातार आए तीन नोटिसों को चुनौती देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में आवेदन किया और विभाग की ओर से मांगी गई एक्सटेंशन राशि 127870 रुपये वर्ष 2016 में जमा कर दिए। इसके बावजूद हुडा ने कब्जा प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। जिला उपभोक्ता फोरम ने उस समय शिकायतकर्ता अजय कुमार के खिलाफ दिए गए नोटिसों को निरस्त करने, हुडा विभाग के अधिकारी को अपने 30 नवंबर 2018 के निर्णय के अनुसार डिटेल आदेश जारी करने के निर्देश दिए थे।
इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा व सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने अपने संयुक्त निर्णय में लिखा है कि शिकायतकर्ता अजय कुमार को मकान बनवाने के बाद कब्जा प्रमाण पत्र लेने में 15 वर्ष लग गए। यह संबंधित अधिकारियों लापरवाही व लेटलतीफी का नतीजा है। अजय कुमार को न्याय पाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा है। आयोग ने आदेश दिया कि मुख्य प्रशासक द्वारा जांच कराकर 3 लाख की मुआवजा राशि तत्कालीन स्टेट ऑफिसर की वेतन से काटकर शिकायतकर्ता को अदा की जाए। इसके अलावा शिकायतकर्ता को वाद खर्चे के 21 हजार रुपये अलग से अदा करने होंगे। मुआवजा 45 दिन में देना होगा।
आदेश का पालन न करने पर हुडा की संपत्ति कुर्क करने के दिए थे आदेश
उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन नहीं किया गया तो शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम की दोबारा शरण ली। आयोग ने आदेश का पालन न करने पर हुडा विभाग की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे। इस कार्रवाई के दौरान ही 12 जनवरी 2022 को शिकायतकर्ता की 2008 में दिए गए कब्जा प्रमाणपत्र के आवेदन को विभाग के अधिकारियों ने निरस्त कर दिया। शिकायतकर्ता को कई बार विभाग के कार्यालय में बुलाया गया और हर बार नए ऑब्जेक्शन लगाकर शिकायतकर्ता को दस्तावेज पूरे करने की हिदायत दी गई। कई बार अपने दस्तावेज को पूरा करने के बाद भी शिकायतकर्ता अजय कुमार को प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया। परेशान होकर शिकायतकर्ता ने 24 मार्च 2023 को फिर जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दायर कर कब्जा प्रमाणपत्र हुडा विभाग से दिलाने का आग्रह किया।