रेवाड़ी। बदलती जीवनशैली और लंबे समय तक बैठकर काम करने से युवाओं में कमर दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फिजियोथेरेपी विभाग की प्रमुख डॉ. निशा ने बताया कि ट्रामा सेंटर के फिजियोथेरेपी विभाग में आने वाले मरीजों में एक तिहाई मरीज कमर दर्द से पीड़ित होते हैं। इनमें अधिकतर युवा और महिलाएं शामिल हैं।
रोजाना 40 से 50 मरीज कमर दर्द और लोअर बैक पेन की समस्या लेकर फिजियोथेरेपी के लिए पहुंच रहे हैं। डॉ. निशा के अनुसार लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर काम करने से युवाओं में रीढ़ और कमर दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
बैठने का गलत तरीका, लगातार एक ही स्थिति में काम करना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा अनियमित खानपान और जंक फूड का अधिक सेवन भी युवाओं की सेहत बिगाड़ रहा है।
नौकरीपेशा लोग व्यस्त दिनचर्या के कारण पौष्टिक भोजन की जगह फास्ट फूड को प्राथमिकता दे रहे हैं।