रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थी केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नए कौशल सीखेंगे। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को रोबोट बनाने, ड्रोन उड़ाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने की दिशा में पहल शुरू की है।
नवाचार और विज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही हैं। इन लैब के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके तहत 26 मई से 30 मई तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण में संबंधित विद्यालयों के शिक्षक और पीएमश्री विद्यालयों के मुखिया भाग लेंगे।
शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 10 सरकारी विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीकानेर, नांगल शहबाजपुर, संगवाड़ी, गुर्जर माजरी, बिठवाना, नांगल तेजू, रतनथल, कोसली, झाड़ौदा और बगथला शामिल हैं।
इन लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक से जुड़े प्रयोगात्मक कार्यों का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रचनात्मकता और तकनीकी समझ विकसित होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पहले दिन अटल टिंकरिंग लैब की अवधारणा, नीति और उद्देश्यों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद अगले चार दिनों तक प्रैक्टिकल सत्र आयोजित होंगे, जिनमें शिक्षकों को रोबोटिक्स, ड्रोन संचालन, सेंसर तकनीक और एआई से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतिम दिन शिक्षकों से मॉडल प्रोजेक्ट तैयार करवाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे। साथ ही विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को भी मजबूती मिलेगी।