रेवाड़ी। जिला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम केंद्र की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक धामलावास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के तहत युवाओं को पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम औपचारीकरण सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना , पीएम विश्वकर्मा योजना व हरियाणा सरकार की एमएसएमई प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई।
एमएसएमई के औद्योगिक प्रसार अधिकारी करन सिंह ने जागरूकता कार्यक्रम में युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता बारे प्रेरित करते हुए योजनाओं की विशेषताओं, लाभ व आवेदन प्रक्रिया बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
उन्होंने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएमईजीपी योजना बहुत ही बेहतर योजना है। इसके तहत उद्यमी ग्रामीण क्षेत्र में 35 प्रतिशत व शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत एकल इकाइयों हेतु 35 प्रतिशत क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी या अधिकतम 10 लाख रुपये तक दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा पारंपरिक कारीगरों को टूलकिट सहायता, कौशल प्रशिक्षण, एक लाख पहला ऋण, दो लाख दूसरा ऋण रियायती ब्याज दर पर, प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन वजीफा एवं कौशल प्रमाण दिया जाता है।
बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंट के तहत राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों व मेलों में भागीदारी के लिए पात्र व्यय पर 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति दिया जाता है।
निर्यात इकाइयों को माल ढुलाई व्यय पर अधिकतम 25 लाख तक सब्सिडी, टेस्टिंग इक्विपमेंट सब्सिडी के तहत परीक्षण प्रमाणीकरण उपकरण पर 50% सब्सिडी या अधिकतम 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष, स्टाम्प ड्यूटी, ईडी ड्यूटी छूट के तहत नई औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प ड्यूटी व बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत तक रियायत दी जाती है।