शहरों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की दर बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात करें तो ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण की दर 14.2 व शहर में 11 प्रतिशत है। अर्थात गांवों में 3.2 प्रतिशत ज्यादा संक्रमित लोग मिल रहे हैं।
जिले की करीब 12 लाख की आबादी में से रेवाड़ी, बावल व धारूहेड़ा शहर में करीब तीन लाख से अधिक लोग रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 416 में से 187 गांवों के करीब 3.5 लाख लोगों के स्वास्थ्य का सर्वे किया गया। इसमें खुलासा हुआ कि ग्रामीण जांच कराने से बचने के अलावा संक्रमित होने के बाद आइसोलेशन सेंटर में भी जाने से दूरी बनाते हैं। इसी के चलते विभाग की ओर से बनाए गए 57 आइसोलेशन सेंटरों में से अधिकतर खाली पड़े हैं। जबकि संक्रमण जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंच चुका है।
आंकड़ों से ज्यादा है ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि शहरों में लोग जहां लक्षण दिखाई पड़ते ही जांच करा लेते हैं, वहीं गांवों में जांच कराने से बचते हैं। जैसे ही मामले बढ़े तो करीब दो हजार आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जाकर सर्वे किया। इसमें भी कई पॉजिटिव पाए गए। गांव में लोग खांसी, जुकाम व बुखार के लक्षण पर गांव में ही दवाई ले रहे हैं, जोकि गलत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लक्षण दिखाई देते ही जांच कराई जानी चाहिए। 25 केंद्रों में कोराना जांच विभाग की ओर से निशुल्क की जा रही है।
शहरों में कोरोना का पीक पूरा, अब कम हो रही दर
मई के दूसरे सप्ताह में जिले में संक्रमण की दर 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। इसमें शहरी क्षेत्रों के लोग ज्यादा संक्रमित थे। इसी का परिणाम है कि शहर के सेक्टर-3, सेक्टर-4 व उत्तम नगर व मॉडल टाउन में 300 से अधिक केस मिलने पर मैक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। अर्थात लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई गई है। शहर में हालात अब सुधर रहे हैं। संक्रमण दर 11 प्रतिशत तक पर आ चुकी है।
संक्रमण की दर को लेकर कोविड नोडल अधिकारी डॉ. विजय प्रकाश से बातचीत
प्रश्न- अब संक्रमण को लेकर क्या स्थिति है।
उत्तर- गांव में संक्रमण शहरों से ज्यादा है। शहरों में 11 तो गांवों में दर 14.2 है।
प्रश्न- कब तक संक्रमण के मामलों में राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
उत्तर- शहरों में कोरोना की पीक आ चुकी है, यहां पर दर लगातार कम हो रही है।
प्रश्न- ग्रामीण क्षेत्रों के हालात को लेकर क्या तैयारी है।
उत्तर- 187 गांवों के करीब 3.5 लोगों का सर्वे किया जा चुका है। बाकी में चल रहा है। गांव के लोग बनाए गए 57 आइसोलेशन केंद्रों से किनारा कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग जांच कराने से भी बचते हैं।
प्रश्न- जिले में ऐसा कोई गांव जहां पर संक्रमण न पहुंचा हो।
उत्तर- जिले में ऐसा कोई भी गांव नहीं है, जहां पर संक्रमण न हो।
प्रश्न- किस आधार पर संक्रमण की दर कम होने की बात कर रहे हैं।
उत्तर- पहली व दूसरी लहर को मिलाकर जिले की करीब 18 प्रतिशत आबादी संक्रमित हो चुकी है। जबकि हार्ड इम्युनिटी करीब 70 प्रतिशत लोगों में बन चुकी है। लेकिन लोगों को अभी भी सतर्कता बरतने की बेहद जरूरत है, ताकि मामले शून्य किए जा सकें।