परिवार पहुंचा जयपुर
राजस्थान इंटेलिजेंस की जिस गाड़ी से टीम विशाल को उठाने के लिए आई थी, उसका नंबर किसी ने नोट किया था। उस नंबर का जब रजिस्ट्रेशन विशाल के परिवार ने चेक करवाया तो वो जयपुर इंटेलिजेंस एसपी का मिला। उसके बाद परिवार चाचा के साथ 24 जून को जयपुर पहुंचा। जहां पर उन्होंने इंटेलिजेंस एसपी से बात की।
जब गिरफ्तारी का कारण पूछा तो उन्हें विशाल के खाते में पाकिस्तान से हुई ट्रांजेक्शन दिखाई गई। इसके अलावा पाकिस्तानी हैंडलर के साथ हुई चैट के बारे में भी दिखाया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप के अलावा दूसरी सोशल साइट्स पर विशाल ने चैटिंग की थी।
पाकिस्तानी जासूस को दी गोपनीय जानकारी
जयपुर पुलिस महानिरीक्षक (सीआईडी-सुरक्षा) विष्णु कांत गुप्ता ने पत्रकारों को बताया कि आरोपी विशाल यादव ने एक पाकिस्तानी जासूस को गोपनीय जानकारी साझा की जिसमें ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित विवरण शामिल है। यादव ने जानकारी देने के बदले कुल मिलाकर लगभग दो लाख रुपये प्राप्त करने की बात कबूल की है। इसमें ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित जानकारी लीक करने के लिए 50 हजार रुपये शामिल थे। कुछ भुगतान यूएसडीटी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में भी किया गया था।