प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब मिड डे मील के साथ सलाद भी खाएंगे। सरकारी स्कूलों में खाली पड़ी जमीन पर मास्टर जी व छात्र मिलकर सब्जियां उगाएंगे। जिसमें मिड डे मील के वर्कर भी सहयोग करेंगे। यह निर्देश मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को पत्र जारी कर दिए हैं, जिसमें कहा गया है कि सभी शिक्षक अपने स्कूलों में खाली जमीन पर हरी सब्जी उगाएं। इसके लिए स्कूलों में न्यूट्रिशन गार्डन बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मौलिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है जिससे स्टूडेंट्स को मिड डे मील के साथ हरी सब्जियां व सलाद भी मिल सके। साथ ही सब्जी पूरी तरह ऑर्गेनिक रूप से उगाई जाएगी। इस कार्य में शिक्षक और छात्रों के अलावा मिड डे मील वर्कर भी मदद करेंगे। खेती करने से स्कूलों में हरियाली बनी रहेगी। उधर, शिक्षक संघ का कहना है कि शहरी स्कूलों में तो पहले ही जमीन का अभाव है। ऐसे में सब्जी उगाना कैसे संभव हो पाएगा। इसके अलावा इसकी रखवाली कौन करेगा।
जिले में करीब साढे़ चार सौ प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें खाली जमीन पर सब्जियां उगाई जाएंगी। इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, मिड डे मील कार्यकर्ता व विद्यार्थी इसमें सहयोग देंगे। इनके द्वारा की सब्जी की सिंचाई करने के साथ ही खरपतवार आदि निकालने का कार्य भी करेंगे।
टमाटर, मूली, गाजर व खीरे की खेती होगी ज्यादा
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले मूली, गाजर व खीरा आदि सब्जियां उगाई जा सकती हैं। ऐसी सब्जियां है जिन्हें छात्र कच्ची भी खा सकते हैं। मिड डे मील वर्कर और शिक्षकों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। समय-समय पर स्कूलों में उगाई गई सब्जी का निरीक्षण किया जाएगा। जहां लापरवाही मिलेगी कार्रवाई होगी।
विभाग के निर्देशानुसार सभी स्कूलों को पत्र भेजा जा चुका है। कई स्कूलों में खाली पड़ी जमीन पर आर्गेनिक सब्जी उगाने की तैयारी है। जो निदेशालय के आदेश की अवमानना करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेश गोरिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी