संशोधित मोटर वाहन बिल लागू होने के बाद से जिले के लघु सचिवालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों की भीड़ जुटने लगी है। एक सितंबर से पूर्व प्रतिदिन 20 से 50 युवा लाइसेंस बनवाने आते थे, लेकिन संशोधित बिल लागू करने के बाद से रोजाना 150 से 200 युवक-युवतियां डीएल बनवाने आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि देशभर में एक सितंबर से लागू संशोधित मोटर वाहन बिल को लागू कर दिया गया है। जिला में संशोधित बिल को लागू कराने के लिए ुपलिस प्रशासन ने भी पुख्ता कदम उठाए है। बिना लाइसेंस के वाहन चलाते पकड़े जाने पर पहली बार में पांच हजार व दूसरी में पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान है। ऐसे में भारी भरकम चालान से बचने के लिए वाहन चालकों ने लाइसेंस बनवाने की हौड़ सी लगी हुई है।
नौ दिन में ढाई सौ बिना डीएल के चालान
संशोधित बिल के लागू होने के बाद से जिले में पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। पुलिस द्वारा बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर पिछले नौ दिन में ढाई से अधिक चालान काटे हैं। पुलिस की सख्ती व भारी चालान से बचने के वाहन चालकों ने लाइसेंस बनवाने शुरू कर दिए हैं।
हेलमेट की दुकानों पर भी बढ़ने लगी भीड़
डीएल के साथ ही शहर में हेलमेट की दुकानों पर भी वाहन चालकों की भीड़ जमा होने लगी है। वहीं दुकानदारों ने भी हेलमेट के रेटों में बढ़ोतरी कर दी है। आलम यह है कि शहर की सड़कों पर दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट सड़कों पर उतरने से गुरेज करने लगे है। रेवाड़ी एसडीएम रवींद्र ने बताया कि संशोधित मोटर वाहन बिल लागू होने के बाद से युवाओं के साथ बुजुर्ग भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आ रहे हैं।