संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सड़क हादसे में युवक की मौत मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने मृतक के परिजनों को 20 लाख 80 हजार रुपये मुआवजा स्वीकृत किया है। यह मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दो महीने की अवधि में अदा किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
मामला 3 अक्तूबर 2024 का है। सड़क हादसे में रामपुरा क्षेत्र के नितिन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। रामपुरा थाना क्षेत्र में हादसा हुआ था। नितिन के पिता सुधीर यादव, मां मंजू देवी और बहन ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत दावा याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान पक्षकारों के बीच समझौता हो गया।
दोनों पक्षों ने यह सहमति जताई कि नितिन की मृत्यु के दावे का निपटारा बीस लाख अस्सी हजार रुपये की एकमुश्त राशि देकर किया जाएगा। बीमा कंपनी ने अदालत के सामने बयान दर्ज कर सहमति दी कि वह यह राशि दो माह के भीतर दावेदारों को अदा करेगी।
निर्णय के अनुसार यदि बीमा कंपनी तय समय सीमा के भीतर राशि का भुगतान नहीं करती है तो उसे याचिका दायर करने की तारीख से लेकर भुगतान की पूर्ण वसूली तक 6% वार्षिक ब्याज देना होगा।
सड़क हादसे में घायल मोहित को मिलेंगे साढ़े तीन लाख रुपये
रेवाड़ी। मोटर दुर्घटना दावे से जुड़े एक मामले का निपटारा समझौते के आधार पर किया गया। गांव नेहरूगढ़ निवासी मोहित ने वर्ष 2020 में हुई सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद मुआवजे के लिए दावा दायर किया था। 12 फरवरी 2020 को मोहित कार की टक्कर से घायल हो गए थे। पीड़ित मोहित ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत दावा याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौते पर सहमति जताई। समझौते के अनुसार बीमा कंपनी ने मोहित को ₹3,50,000 (रुपये तीन लाख पचास हजार मात्र) एकमुश्त राशि मुआवजे के रूप में देने पर हामी भरी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की न्यायाधीश अंकिता शर्मा ने समझौते को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि बीमा कंपनी दो माह के भीतर राशि का भुगतान करे। यदि कंपनी तय समय सीमा में भुगतान नहीं करती है तो उस पर 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज भी देना होगा, जिसकी गणना याचिका दायर करने की तिथि से लेकर अंतिम भुगतान तक की जाएगी।
सड़क हादसे में घायल युवक को मिलेगा 50 हजार रुपये मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश सौरभ कुमार की अदालत ने सड़क हादसे के मामले में सुनवाई करते हुए हादसे में घायल सतीश को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि बीमा कंपनी ब्याज के साथ अदा करेगी।
खरखड़ा बास निवासी सतीश खाताना 18 जनवरी 2020 को एक बस में सफर कर रहे थे। आरोप है कि चालक ने बस को तेज गति से चलाते हुए सीहा बस स्टैंड के पास खड़ी एक अन्य बस में टक्कर मार दी। इस हादसे में सतीश गंभीर रूप से घायल हो गए। सतीश ने पुलिस स्टेशन खोल में केस दर्ज कराया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पीड़ित का कहना था कि वह उस समय बावल की एक कंपनी में काम करते थे और करीब 20 हजार रुपये मासिक कमाई कर रहे थे। दुर्घटना के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। इलाज पर करीब पांच लाख रुपये खर्च हुआ। उनकी आय का स्रोत भी प्रभावित हुआ। इसी आधार पर उन्होंने 20 लाख रुपये का मुआवजा मांगते हुए दावा दायर किया।
अदालत में दावेदार ने इलाज के बिल, मेडिकल रिकॉर्ड, एफआईआर और चार्जशीट सहित कई दस्तावेज पेश किए। हालांकि आय और रोजगार का स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत न कर पाने के कारण उनकी आय हानि और दीर्घकालिक नुकसान का दावा स्वीकार नहीं किया गया। प्रस्तुत दस्तावेजों से केवल 19,758 रुपये का अस्पताल बिल सिद्ध हुआ।
न्यायालय ने विवेचना के बाद निर्णय दिया कि दावेदार को कुल पचास हजार रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। इसमें 20 हजार रुपये मेडिकल खर्च के लिए, 10 हजार रुपये दर्द और कष्ट, 10 हजार रुपये परिवहन व विशेष आहार और 10 हजार रुपये आय हानि व अन्य खर्चों के लिए शामिल हैं। इसके अलावा, बीमा कंपनी को यह राशि 7.5% वार्षिक ब्याज सहित देना होगा, जिसकी गणना याचिका दायर करने की तारीख से अंतिम भुगतान तक की जाएगी।