संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग ने मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश के लिए ठोस कदम उठाया है। एक अप्रैल से आरसीएच नंबर के बिना किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर गर्भवती की अल्ट्रासाउंड जांच हुई तो संबंधित केंद्र को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) और मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) लागू किया है। इसमें हर गर्भवती का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
अगर गर्भवती ने एएनएम या स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास पंजीकरण नहीं करवाया है तो अल्ट्रासाउंड करवाने में बाधा आ सकती है। इसलिए अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाने से पहले हर गर्भवती का पंजीकरण करवाना जरूरी है। सभी केंद्रों पर आरसीएच पंजीकरण के बाद ही अल्ट्रासाउंड किया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव ने बताया कि जिले में 10 सप्ताह से पहले गर्भवती आरसीएच आईडी जरूर बनवाएं ताकि उनको स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो।
एक अप्रैल से आरसीएच नंबर के बिना अल्ट्रासाउंड करने पर संबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र को नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस संबंध में आईएमए और निजी केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभागगी टीम सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जाकर आरसीएच पंजीकरण के बारे में बता रही है। साथ ही एमसीटीएस का पंजीकरण भी किया जा रहा है। इससे माता, शिशु के मृत्यु दर का पता आसानी से लगाया जा सकेगा।
जो गर्भवती सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से अल्ट्रासाउंड करवाती हैं, उनका पंजीकरण हो जाता है, लेकिन जो निजी अस्पताल में सलाह लेकर जांच करवाती हैं, उनका पंजीकरण नहीं हो पाता है। इसलिए पंजीकरण कराना जरूरी किया गया है। इससे गर्भपात पर अंकुश लगेगा। जिले में पंजीकरण कार्य शुरू हो चुका है।
क्या है आरसीएच पंजीकरण
नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव के अनुसार आरसीएच पंजीकरण कर एक कार्ड गर्भवती को दिया जाएगा। इसमें महिला का नाम, पता समेत पूरी जानकारी होगी। अगर पहले से बच्चा है तो उसका रिकॉर्ड भी होगा। आरसीएच नंबर से विभाग के पास गर्भवती का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। यह पंजीकरण प्रसव और पूर्ण टीकाकरण सेवाओं के लिए बच्चों की ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए हर गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण अनिवार्य है। चिकित्सक का रेफरेंस कार्ड, आधार कार्ड और आरसीएच नंबर बताने पर ही गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया जा सकता है।
वर्जन
गर्भवती का आरसीएच पंजीकरण कराने का आदेश मिला है। सभी केंद्रों को सूचित किया गया है। केंद्रों की ट्रैकिंग की जा रही है। एक अप्रैल से पहले सभी केंद्रों का पंजीकरण कर दिया गया है। इसके बाद अगर कोई केंद्र आरसीएच पंजीकरण के बिना अल्ट्रासाउंड करेगा तो नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी, एनएचएम।