रेवाड़ी। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी का शिष्टमंडल मंगलवार को सीटीएम जितेंद्र से मिला और किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। जिला प्रधान समय सिंह ने चेतावनी दी कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
जिला प्रधान समय सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के बाजरा भावांतर योजना के करीब 27 करोड़ 8 लाख रुपये अभी तक किसानों को नहीं मिले हैं। वहीं वर्ष 2025 में भी कई किसानों का भावांतर भुगतान लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन किसानों के बैंक खातों में तकनीकी गड़बड़ी थी, उनका पैसा सरकार ने जानबूझकर रोक रखा है।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से विभागीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं किया गया। किसान नेताओं ने बताया कि कपास पर 145 रुपये प्रति गेट की कटौती की गई लेकिन उसका सिस्टम में अब तक कोई समायोजन नहीं हुआ है।
इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में खोले गए क्षतिपूर्ति पोर्टल के तहत करीब 40 प्रतिशत किसानों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिली है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
किसान यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 7 दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी की ओर से डीसी कार्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। समय सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर न तो भाजपा और न ही कांग्रेस का कोई नेता गंभीर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि यूनियन किसानों और मजदूरों की लड़ाई नहीं लड़ती, तो उनकी आवाज दब जाती। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार गेरा, मुन्नी बूढ़पुर, मनीषा यादव, सविता दहिया, रोशन लाल, राजकुमार, राजकुमार, वेद सुल्तानिया सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।