रेवाड़ी। सीएम फ्लाइंग की टीम ने वीरवार को एचएसआईआईडीसी (हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड) बावल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम में निरीक्षक राजेश कुमार व टीम और नायब तहसीलदार (डहीना) रिंकू यादव बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की उपस्थिति और कंपनियों से संबंधित लंबित मामलों की जांच की गई।
टीम ने पाया कि पूर्व में जब एचएसआईआईडीसी बावल कार्यालय का निरीक्षण किया गया था, तब क्षेत्र की कई कंपनियां बिना एसटीपी के केमिकल युक्त पानी सीवर लाइन और आसपास खाली स्थानों पर छोड़ रही थीं।
यह मामला पहले भी संज्ञान में आया था लेकिन एचएसआईआईडीसी कार्यालय की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर दी गई। इस बार भी पुरानी वाली स्थिति देखने को मिली है।
इससे टीम भी काफी हैरान हो गई। सीएम फ्लाइंग टीम ने इस पर गहरी आपत्ति जताई। कंपनियों की तरफ से गंदा पानी छोड़े जाने को लेकर लोग भी काफी परेशान हैं। आसपास के लोग कई बार इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
जून 2025 को केमिकल युक्त पानी पीने से 17 से अधिक गायों की मौत हो गई थी। लोगों ने तब भी आरोप लगाया था कि बड़ी संख्या में केमिकल युक्त कंपनियां हैं जो गंदा पानी बाहर छोड़ती हैं।
केमिकल युक्त पानी से बीमारियों का भी खतरा हमेशा से मंडराता रहा है। गांव बनीपुर में तो बड़ी संख्या में लोग शरीर दर्द की समस्या से परेशान हैं। सीएम फ्लाइंग की जांच ने विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करने का काम किया है।
2 कर्मचारी गैर हाजिर मिले
औचक निरीक्षण के दौरान एचएसआईआईडीसी के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अशोक कुमार मौके पर मौजूद रहे। कार्यालय में कुल 37 कर्मचारी तैनात पाए गए। इनमें से 31 कर्मचारी उपस्थित थे, तीन कर्मचारी अवकाश पर और दो कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।टीम ने सीएम विंडो पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की भी जांच की। वर्ष 2025 में कुल 20 शिकायतें कार्यालय को प्राप्त हुई थीं जिनका समय पर निपटारा किया गया पाया गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कार्यालय में अलग से रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। आने वाले लोगों की शिकायतों का उल्लेख केवल डिस्पैच रजिस्टर में किया जा रहा था।
कंपनियों से जुड़ी अनियमितताओं पर सवाल
सीएम फ्लाइंग टीम ने आगे जांच करते हुए पाया कि एचएसआईआईडीसी की ओर से कंपनियों के बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों जैसे सीवरेज लाइन, पानी की निकासी और सड़क रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। टीम ने कहा कि यह रवैया औद्योगिक क्षेत्र के लिए हानिकारक है और तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कार्यालय में आने वाले शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध तरीके से नहीं हो रहा। कई ग्रामीणों की शिकायतें केवल कागजों में दर्ज रह जाती हैं।
सीएम फ्लाइंग की रिपोर्ट पर कार्रवाई की संभावना
सीएम फ्लाइंग टीम ने निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पंचकूला उच्चाधिकारियों को भेज दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि एचएसआईआईडीसी कार्यालय द्वारा केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति की जाती है जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। टीम ने कंपनियों की लापरवाही पर सख्त कदम उठाने की अनुशंसा की है। सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई से एचएसआईआईडीसी कार्यालय और क्षेत्र की कंपनियों में खलबली मच गई है। औद्योगिक क्षेत्र बावल में लंबे समय से कंपनियों की लापरवाही और कार्यालय की ढिलाई को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। अब सीएम फ्लाइंग की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की संभावना प्रबल हो गई है।