संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में इस वर्ष मार्च और अप्रैल में डेंगू के 5 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता के लिए घर-घर (डोर-टू-डोर) सर्वे शुरू कर दिया है। इस दौरान लोगों को मच्छर काटने से होने वाले रोगों से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
बारिश के मौसम में डेंगू के मरीज अधिक मिलते हैं लेकिन जिले में इस वर्ष मार्च और अप्रैल में 5 मरीज मिल चुके हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। हालांकि पीड़ित हुए मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने टीम को घर-घर भेजकर सर्वे कराना शुरू कर दिया है। टीम के सदस्य सर्वे के दौरान आमजन को जागरूक भी कर रहे हैं। उन्हें मच्छरों से बचने, जलभराव नहीं होने देने और आसपास सफाई रखने का सुझाव दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार 16 मई को विश्व डेंगू दिवस पर लोगों को इस बीमारी से बचाव का तरीका बताया जाएगा।
सफाई करते समय महिलाएं रखें यह ध्यान
डेंगू व मलेरिया के नोडल अधिकारी डॉ. अमित यादव ने जनपद वासियों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील की है। बताया कि महिलाओं को घर की सफाई के समय ध्यान रखना चाहिए कि किसी बर्तन में कई दिन तक पानी एकत्रित न रहे। घरों में रुके साफ पानी में मच्छरों का लार्वा पनपता है। यह लार्वा मच्छर बनकर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अनेक बीमारियां फैलाता है। डेंगू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीम शहरी क्षेत्र व गांवों में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। कूलर, हौद के पानी में मच्छर के लार्वा जांच की जा रही है। अब तक 100 से अधिक घरों में लार्वा मिल चुका है। जहां पानी में लार्वा मिल रहे हैं , उन टंकियों व कूलर को खाली करवाया गया। -डॉ. अमित यादव, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया