रेवाड़ी। गांव सुंदरोज स्थित एक फार्म में आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन में शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने कहा कि हिंदुत्व केवल उपासना पद्धति नहीं बल्कि राष्ट्र की जीवन शक्ति है। समाज को अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।
सम्मेलन में सात गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया। सम्मेलन में सुंदरोज, ढाणी सुंदरोज, पीथड़ावास, महलावास, धामलावास, बंगड़वा और भोतवास से पहुंचे ।
मनोज वशिष्ठ ने ने कहा कि 1925 में विजयादशमी से शुरू हुई राष्ट्र साधना की यात्रा आज अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुकी है।
जतिन (सीए) ने पंच-परिवर्तन के माध्यम से स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया, जबकि बहन भावना ने नारी सशक्तिकरण को राष्ट्र की नींव बताया।
दलीप शास्त्री ने हिंदुत्व के इतिहास और समाज की एकता पर विचार रखे। सम्मेलन में जिला संघचालक रामौतार गौतम और जिला संयोजक देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मनोज पहलवान, भीम सिंह, अमन, मनोज प्रधान, सरपंच धामलावास, अमित, चंचल, दशरथ चौहान, नाहर सिंह, यशवंत राव और नंबरदार सुंदरोज सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।