प्रतियोगिता के दौरान एकमंच पर आए विद्यार्थी व अतिथि। स्रोत : स्कूल
रेवाड़ी। गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कव्वाली में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतीक और भाषण प्रतियोगिता में हिमांशी प्रथम रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए निस्वार्थ भाव से प्राणों का बलिदान देने का गुरु तेग बहादुर जी का संदेश अनुकरणीय है।
स्कूल प्राचार्य एवं हसला के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिंद की चादर’ के रूप में याद किया जाता है।
विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें भाषण, पेंटिंग, जीवन चरित्र क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
जूनियर वर्ग की पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतीक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में हिमांशी प्रथम, चारू द्वितीय और अदिति तृतीय स्थान पर रहीं। सीनियर वर्ग की पेंटिंग प्रतियोगिता में हिमांशु ने पहला स्थान हासिल किया। भाषण में रिया डहिना प्रथम, नाजुक द्वितीय और मनप्रीत तृतीय रहीं। क्विज में डहिना ने पहला और कबड्डी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।