रेवाड़ी। डॉ. नीरज यादव, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आईएमए अध्यक्ष
रेवाड़ी। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का सबसे अधिक खतरा होता है। सही समय पर जांच, जागरूकता और रोकथाम के उपाय अपनाकर इस पर अंकुश लगाया जा सकता है।
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज यादव ने बताया कि जानकारी की कमी और शुरुआती लक्षणों की अनदेखी के कारण कई बार बीमारी देर से पकड़ में आती है। 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को साल में एक बार पैप स्मीयर टेस्ट करानी चाहिए। किसी महिला को बच्चेदानी के मुंह से बदबूदार पानी आना, खुजली, जलन या पेट में दर्द की शिकायत हो तो यह सर्वाइकल कैंसर के संकेत हो सकते हैं।
पैप स्मीयर एक सरल, सुरक्षित और प्रभावी परीक्षण है, जिससे कैंसर को प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर पूरी तरह इलाज किया जा सकता है। एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी उपाय है। यह वैक्सीन 9 से 40 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं को दी जा सकती है।
दो डोज़ वाली यह वैक्सीन कम उम्र में लगवाने पर सबसे अधिक प्रभावी होती है और कैंसर का खतरा काफी कम कर देती है। इस उद्देश्य से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), रेवाड़ी ने पिंक पहल के अंतर्गत बुधवार को वर्ल्ड कैंसर डे के अवसर पर केएलपी कॉलेज में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा।