सिविल अस्पताल में ओपीडी के लिए पर्ची कटवाते लोग। संवाद
रेवाड़ी। सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव का कहना है कि ठंड के कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
सर्दियों में सुबह के समय हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक रहता है। ठंडी हवा के संपर्क में आने से शरीर में अचानक बदलाव होता है जो दिल के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और पहले से हृदय रोग से ग्रसित मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
ऐसे करें बचाव : डॉ. यादव के अनुसार ठंड में शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचें। हल्का व्यायाम जरूर करें, लेकिन ठंड में अचानक भारी एक्सरसाइज न करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों को नियमित लें और बिना परामर्श के दवा बंद न करें।
तला-भुना और अधिक वसायुक्त भोजन से बचें
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव ने बताया कि ठंड में तला-भुना और अधिक वसायुक्त भोजन दिल के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दिल के मरीजों को संतुलित आहार लेना चाहिए। नमक और तैलीय चीजों का सेवन कम करना चाहिए। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, पसीना आना, चक्कर आना या बाएं हाथ में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।