हरियाणा के रेवाड़ी के धारूहेड़ा स्थित ऑटो स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली लाइफ लॉन्ग कंपनी में 16 मार्च की शाम को डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटने से झुलसे तीन अन्य श्रमिकों की मौत हो गई है। इस हादसे में मरने वालों की संख्या अब 10 पहुंच गई है। बीती रात दम तोड़ने वाले तीनों श्रमिक उत्तर-प्रदेश के बहराइच और गोंडा के रहने वाले हैं।
लाइफ लॉन्ग कंपनी में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटने से 39 श्रमिक झुलसे थे। इस हादसे में अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। बीती रात उत्तर-प्रदेश के बहराइच के कपूरपुरा निवासी दिवेश (20) पुत्र भानु प्रताप, यूपी के सिकरोना निवासी घनश्याम (25) पुत्र तोताराम, गोंडा के पंडित पुरवा, सेधिया के तराबगंज निवासी मनोज पुत्र रामसनेही ने बीती रात दम तोड़ दिया।
इधर, रेवाड़ी एसडीएम विकास यादव ने हादसे की जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। इसमें खुलासा किया है कि कंपनी में डस्ट कलेक्टर के प्रेशर पाइप की लंबे समय से सफाई नहीं की जा रही थी, जिस वजह से गंदगी जमने लगी। 16 मार्च की शाम को डस्ट कलेक्टर का इसी वजह से बॉयलर फट गया। जांच में बताया है कि इससे पहले भी बॉयलर फट चुका था। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया।
एजेंसी संचालक ने भी बरती लापरवाही
जांच रिपोर्ट में श्रमिक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के संचालक पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रमिकों को दस्ताने, हेलमेट, जूते और केमिकल से बचाव के लिए जैकेट उपलब्ध नहीं कराए गए थे। यह सामान इसलिए दिया जाता है कि ऐसे हादसों के समय श्रमिकों का बचाव हो सके।
कंपनी सर्विस और सुरक्षा मनकों की ऑडिट रिपोर्ट नहीं संतोषजनक
कंपनी में चार डस्ट कलेक्टर हैं। चारों उचित स्थान पर स्थापित नहीं किए गए थे। हादसे के वक्त केवल एक ही डस्ट कलेक्टर चल रहा था। उसकी भी सर्विस समय पर नहीं की जा रही थी। टीम जब जांच के लिए पहुंची तो कंपनी प्रबंधन की ओर से सर्विस और सुरक्षा मानकों की ऑडिट रिपोर्ट भी संतोषजनक नहीं दी गई। यह भी सवाल उठे कि कंपनी ने मौके पर इमरजेंसी गेट नहीं खोला। क्योंकि, घटना के वक्त वहां सामान जमा था।
धारूहेड़ा की ऑटो पार्ट्स कंपनी में डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटने के मामले की जांच गंभीरता से की गई थी। अब जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी गई है।
-विकास यादव, एसडीएम, रेवाड़ी।