नंदिनी को हरियाणा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित करते सीएम मनोहर लाल।
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रेवाड़ी। हरियाणा की एक बेटी ने फिर प्रतिभा का डंका पूरे प्रदेश में बजाया है। शहर के अहीर कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत डॉ. कमलेश कुमारी की पुत्री नंदिनी को वीरवार को हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से उनकी कृति ‘बुलबुल पंख’ के लिए सम्मानित किया गया है। राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने उन्हें अलंकृत किया है। बेटी की उपलब्धि से उनके पिता रवि कुमार और मां बहुत खुश हैं। इस दौरान उनको 50 हजार रुपये, शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र मिला है। यह सम्मान पाने वाली नंदिनी पूरे हरियाणा प्रदेश की सबसे कम उम्र की रचनाकार हैं।
उनकी माता डॉ. कमलेश कुमारी ने बताया कि बेटी की उपलब्धि से वह खुश हैं। उनकी बेटी बहुमुखी प्रतिभा की धनी है। उसे जो सम्मान मिला है, इसके लिए सभी लोगों का आभार व्यक्ति करती हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंच पर बेटी को शाबाशी देते हुए प्रोत्साहित भी किया। हिंदी और अंग्रेजी में समान रूप से लेखन करने वाली नंदिनी ने साहित्य के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी बहु आयामी प्रतिभा दर्ज करा चुकी हैं। वे मूल रूप से जिला रेवाड़ी के गांव पुंसिका की निवासी हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की सजग प्रहरी बनकर उनकी बेटी पॉलिथीन मुक्त अभियान को आगे बढ़ाने में सहायक बनी थी। इसकी वजह से जिला प्रशासन ने नंदिनी को रेवाड़ी के पॉलिथीन मुक्त अभियान का ब्रांड एंबेसडर मनोनीत किया है। उन्होंने बताया कि नंदिनी नृत्य, घुड़सवारी, पेंटिंग और गायन में अपनी प्रतिभा की वजह से विशेष पहचान रखती हैं। फिलहाल वे दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी ऑनर्स में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।
नानी, माता-पिता और अपने भाई को बताया प्रेरणा स्रोत
अपनी उपलब्धि पर नंदिनी ने अपनी नानी, मां, पिता और अपने भाई हर्ष को अपना प्रेरणा स्रोत बताया। साहित्य अकादमी की ओर से सहायक प्रोफेसर के तौर पर यह पुरस्कार मिलने पर हास्य कवि हलचल हरियाणवी, साहित्यकार आलोक भांडोरिया, भूपसिंह भारती, राजेश भुलक्कड़, गौतम इलाहाबादी, दलबीर फूल, त्रिलोकचंद फतेहपुरी समेत अन्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी।