फोटो : 19मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन। स्रोत : एसोसिएशन
रेवाड़ी। हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने राज्य के सभी जोन में गेट मीटिंग आयोजित कर निजीकरण के प्रयासों का पुरजोर विरोध दर्ज कराया। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बिजली वितरण के निजीकरण से केवल निजी कंपनियों को लाभ होगा, जबकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और अभियंताओं के रोजगार को खतरा होगा।
एसोसिएशन ने दोहराया कि दशकों की मेहनत से खड़े किए गए सार्वजनिक बिजली तंत्र को किसी भी कीमत पर निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। सभी अभियंताओं से आह्वान किया गया कि वे एकजुट रहें और अपनी आवाज नीति-निर्धारकों तक मजबूती से पहुंचाएं।
राजौंद, जींद के एसडीओ पर चोरी पकड़ने के दौरान हुए हमले की कड़ी निंदा की। एसोसिएशन ने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अभियंताओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।
एसई प्रदीप कुमार चौहान, एक्सईएन कुलदीप नेहरा, एक्सईएन धर्मेंद्र रुहिल, एक्सईएन ओमेंद्र कुमार भारद्वाज, एक्सईएन प्रवीण यादव मौजूद रहे।