राव अर्जुन सिंह चार दिन पहले विदेश गए थे, वहीं दिल का दौरा पड़ा है। वह पूर्व मुख्यमंत्री राव वीरेंद्र सिंह के पौत्र थे और अटेली से चुनाव लड़े थे। सुरजेवाला व कैप्टन अजय यादव ने ट्वीट कर दुख जताया है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के पौत्र और कांग्रेस के युवा नेता राव अर्जुन सिंह का बैंकाक में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर दुखद सूचना की पुष्टि की तो रामपुरा हाउस सहित शहर में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार सुबह से ही समर्थक यहां उनकी कोठी पर पहुंचना शुरू हो गए थे।
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जानकारी मिली है कि राव अर्जुन सिंह के शव को भारत लाने के लिए बैंकाक में जरूरी प्रक्रिया की जा रही है। उनका पार्थिव शरीर शनिवार को रेवाड़ी पहुंचने की संभावना है। इसके बाद उनके पैतृक गांव रामपुरा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। अर्जुन राव बैंकॉक रवाना होने से पहले 15 अक्तूबर को अपने पिता राव अजीत सिंह के साथ महेन्द्रगढ़ जिले के कस्बा अटेली में आखिरी बार दिखे थे। अर्जुन ने यहां अपना चुनावी कार्यालय खोला था। पिछला चुनाव भी अर्जुन ने कांग्रेस के टिकट पर अटेली से ही लड़ा था।
सुरजेवाला ने लिखा: अर्जुन का इस तरह से बिछुड़ जाना गहरे सदमे से कम नहीं
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हरियाणा के पूर्व सीएम स्वर्गीय राव बीरेंद्र सिंह के पौत्र, अहीरवाल की आवाज, कांग्रेस के युवा नेता व छोटे भाई राव अर्जुन सिंह का इस तरह से बिछुड़ जाना गहरे सदमें से कम नहीं। ईश्वर उनको हमेशा अपने चरणों में जगह दें व परिवार को इस संकट की घड़ी में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। जहां भी रहो, हमेशा खुश रहो। आप हमेशा दिल में रहोगे। -कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला का ट्वीट
पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के पौत्र व कांग्रेसी नेता राव अर्जुन सिंह के आकस्मिक निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। भगवान दिवगंत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस दुख की घड़ी में परिजनों को शक्ति प्रदान करें। -कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन और पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव का ट्वीट
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के भतीजे हैं राव अर्जुन सिंह
अर्जुन राव के ताऊ राव इंद्रजीत सिंह वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री और गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। अर्जुन राव के पिता राव अजीत सिंह ने भी लंबी राजनीति पारी खेली है, लेकिन अस्वस्थ होने के कारण अपने पिता की राजनीतिक विरासत को फिलहाल अर्जुन राव संभाल रहे थे। अर्जुन राव ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से करने के बाद आगे की पढ़ाई विदेश में की। उनका ज्यादातर कारोबार में विदेश में ही है। अर्जुन राव ही अपने परिवार का कारोबार संभाल रहे थे। अर्जुन राव की माता उनके पैतृक गांव रामपुरा की सरपंच रही हैं। उनके छोटे चाचा भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।