रेवाड़ी। अनाज मंडी में बाजरे की आवक बढ़ने के साथ ही उठान की धीमी गति किसानों और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मंडी में बाजरे के ढेर सड़क के बीच तक पहुंच गए हैं, जिससे सड़क का करीब आधा हिस्सा घिर गया है। इसके चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और बार-बार जाम लग रहा है।
बाजरा बेचने के लिए किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मंडी के बाहर करीब दो किलोमीटर तक ट्रैक्टरों की लाइन लगी रही। मंडी के अंदर भी वाहनों की भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है।
मंडी में अब तक 68,574 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हो चुकी है, लेकिन इसके मुकाबले उठान की गति काफी धीमी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत बाजरे का ही उठान हो पाया है।
शेष बाजरा मंडी में पड़ा होने के कारण जगह की कमी हो रही है। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बच रही, जबकि खरीदे गए बाजरे के ढेर भी मंडी परिसर से बाहर सड़क की तरफ बढ़ते जा रहे हैं।
नए रोस्टर से भी नहीं मिली राहत
बाजरे की खरीद और उठान व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए नया रोस्टर जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मंडी में हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, धीमे उठान के कारण मंडी में वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। सड़क का आधा हिस्सा बाजरे के ढेरों से घिरने के कारण दूसरे वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही है।
किसानों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी
मंडी में जाम का असर किसानों के साथ-साथ राहगीरों और आसपास से गुजरने वाले वाहन चालकों पर भी पड़ रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारों के कारण यातायात बाधित हो रहा है। यदि उठान की गति नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले दिनों में आवक बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर हो सकती है। ऐसे में मंडी में बाजरे का समय पर उठान कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने की जरूरत बनी हुई है।