रेवाड़ी। हरियाणा सरकार में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सिस्टम को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार ने प्रदेश की जनता को आईटी यानी सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शी सुशासन प्रदान किया है। सरकार ने सिस्टम को और हाईटेक बनाते हुए नंबरदारों को स्मार्ट फोन देने की योजना शुरू की है, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान और तेजी से होगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल मंगलवार को आजादी अमृत महोत्सव के तहत बाल भवन ऑडिटोरियम में आयोजित शिविर में नंबरदारों को स्मार्ट फोन वितरित कर योजना का शुभारंभ करने उपरांत बोल रहे थे। उन्होंने इस मौके पर 309 नंबरदारों को स्मार्ट फोन वितरित किए, जिसमें तहसील रेवाड़ी के 226 व उप तहसील पाल्हावास के 83 नंबरदार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना से प्रदेश के नंबरदार हाईटेक होंगे और निश्चित तौर पर नंबरदार अपना कार्य और अधिक कुशलता व बेहतर तरीके से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन से नंबरदारों की कार्यशैली आसान होगी। नंबरदारों के लिए स्मार्ट फोन संदेश भेजने, भूमि, फसलों का खराबा आदि की जीपीएस सुविधा के साथ तस्वीरें लेने और उन्हें सर्वर पर अपलोड करने के साथ-साथ सरल, ई-गिरदावरी आपदा प्रबंधन आदि के तहत आईडी और पते के सत्यापन में कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से शासन, प्रशासन और जनता के बीच की कड़ी माने जाने वाले नंबरदारों के माध्यम से सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के कार्य में गति लाना है। डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि प्रदेश में अंत्योदय व सबका साथ-सबका विकास की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जा रहे हैं। योजनाएं बनाई जा रही हैं। वहीं डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि स्मार्ट फोन के माध्यम से नंबरदार अपने गांवों की सूचनाओं के साथ ही ग्रामीणों की समस्याओं से भी प्रशासन को अवगत करवाएंगे। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब गांव की सभी सूचनाएं प्रशासन तक समय पर पहुंचेगी और उनके संबंध में उचित निर्णय लेकर जल्द ही काम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन नंबरदारों की ओर से दी जाने वाली सूचनाओं पर तत्काल काम करेगा और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि समस्याओं का त्वरित निवारण हो।
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एक क्लिक पर मिलता है राजस्व रिकार्ड
सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि अब जमीन के पुराने राजस्व रिकॉर्ड को निकलवाने के लिए आम नागरिकों को इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। राजस्व रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन होने के बाद अब एक क्लिक पर सारा रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो जाता है। राजस्व रिकार्ड को पहले देखने और ट्रेस करने में काफी समय लगता था। सारा रिकॉर्ड कपड़े की गठरियों में बंधा होता था। कई बार पुराने रिकॉर्ड ढूंढने में कई कई दिन लग जाते थे, लेकिन मॉडर्न रेवेन्यू रिकार्ड रूम से अब यह सुविधा लोगों को कंप्यूटर पर एक क्लिक पर तत्काल मिल रही है। तहसीलों में सभी काम ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।
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आज कोसली व डहीना के नंबरदारों को वितरित किए जाएंगे स्मार्ट फोन
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि 20 जुलाई को बाल भवन परिसर में कोसली के 68, उपतहसील डहीना के 91 और नाहड़ के 95 नंबरदारों को मोबाइल की सौगात मिलेगी। शिविर के अंतिम दिन गुरुवार को बावल तहसील के 159, मनेठी उप तहसील के 88 व धारूहेड़ा उप तहसील के 66 नंबरदारों को मोबाइल वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत रेवाड़ी जिला की सभी तहसीलों और उप तहसीलों के कुल 876 नंबरदारों को मोबाइल वितरित किए जाएंगे। कैंप में आने वाले नंबरदारों को अपने साथ आधार कार्ड, नंबरदार पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी कागजात लाना अनिवार्य है। इस अवसर पर एसडीएम कोसली होशियार सिंह, एसडीएम रेवाड़ी सिद्धार्थ दहिया, डीआरओ राकेश कुमार, नायब तहसीलदार भूप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।