संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विश्व बाल श्रम विरोधी दिवस पर एमडीडी ऑफ इंडिया ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, जिला बाल संरक्षण इकाई और अन्य विभागों के सहयोग से जिले में रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान छह बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।
अभियान की शुरूआत अभय सिंह चौक से हुई। यहां सड़क पर भीख मांग रही चार बच्चियों को रेस्क्यू किया गया। जूस की एक दुकान से दो नाबालिग बच्चों को छुड़ाया गया। कुल छह बच्चों को बचाकर बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया।
उनकी काउंसलिंग की गई और आगे की देखरेख की व्यवस्था की गई। यह अभियान कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउंडेशन के तत्वावधान में चल रहे बचपन बचाओ आंदोलन और न्याय तक पहुंच कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया।
इस अभियान में मानव तस्करी विरोधी इकाई की ओर से एएसआई रश्मि, ईएचसी राजीव, कांस्टेबल सुनील कुमार, एमडीडी ऑफ इंडिया से विजयलक्ष्मी, जिला बाल संरक्षण इकाई से प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
एमडीडी ऑफ इंडिया के पीड़ित सहायक संयोजक तुषार शर्मा और विजयलक्ष्मी ने बताया कि बाल श्रम एक गंभीर अपराध है। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम करवाना गैरकानूनी है।