रेवाड़ी। इस सीजन में पहली बार एक साथ जिले में डेंगू के चार मामले सामने आए हैं। अब डेंगू पीड़ितों की संख्या 23 हो गई है। अब तक मलेरिया के 9 मामले आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम घरों में जाकर हौद, कूलर के पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही है। टीम ने अभी तक 12 लाख 57 हजार 812 घरों में लार्वा की जांच की है।
इसमें से 1221 लोगों के यहां लार्वा मिलने पर नोटिस थमाया गया है। मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहे, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू और मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।
वर्तमान में तापमान में उतार चढ़ाव को लेकर स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार डेंगू संक्रमण के मामले कम आ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इन दिनों उल्टी, दस्त, वायरल बुखार के मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि कभी तेज धूप तो कभी वर्षा के बीच तापमान के उतार-चढ़ाव से संक्रमण बढ़ रहा है। बारिश के बाद जलभराव और पेयजल सप्लाई में स्वच्छता के अभाव में उल्टी, दस्त, हैजा, फूड प्वाॅइजनिंग आदि से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
डेंगू के कहां कितने केस मिले
रेवाड़ी शहरी क्षेत्र- 2
सीएचसी गुरावड़ा- 4
सीएचसी बावल 4
सीएचसी मीरपुर 1
सीएचसी खोल- 10
वर्जन
जहां मलेरिया और डेंगू के मामले मिलते हैं वहां फॉगिंग कराई जा रही है। मलेरिया विभाग की टीम के सदस्य गांव और कस्बे में जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कर रहे हैं। डेंगू के संभावित लक्षण वालों के रक्त जांच की जा रही है।
विरेंद्र यादव, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग