रेवाड़ी। जिले में डेंगू के साथ अब मलेरिया का डंक भी सताने लगा है। जिले में डेंगू के चार नए मामले सामने आए हैं। साथ ही डेंगू मरीजों की संख्या 86 हो गई है, जबकि मलेरिया के दो साल में इस बार चार नए केस सामने आए हैं। मलेरिया के चार में से दो मरीजों को नागरिक अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों में प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो माह में डेंगू से पीड़ित 49 मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जा चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी बढ़ने के बाद ही डेंगू का प्रकोप कम होगा। डेंगू के बढ़ते केस देखकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार फॉगिंग करने का दावा कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि डेंगू के मामलों में पिछले साल के मुकाबले स्थिति ठीक है। वर्ष 2022 में जिले में डेंगू के 324 से ज्यादा केस मिले थे, जिससे हालात खराब हो गए थे, लेकिन इस बार सिर्फ 86 केस मिले। विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू के सामान्य लक्षणों में सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते होना मुख्य कारण है। हेल्थ इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह और दिनेश यादव ने बताया कि जहां भी केस मिल रहे हैं वहां आसपास के घरों में भी फागिंग की जा रही है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
शहर में मिल रहे सबसे ज्यादा केस
रेवाड़ी शहर से सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। शहर में 48, बावल में 18, गुरावड़ा में 03, मीरपुर में 09, खोल 07 व नाहड़ में 01 में एक डेंगू का मरीज मिला है।
प्लेटलेट्स की डिमांड बढ़ी
नागरिक अस्पताल की ब्लड बैंक इंचार्ज नीतू सिंह ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मामलों के चलते प्लेटलेट्स की डिमांड भी काफी ज्यादा बढ़ गई है। प्लेटलेट्स डोनेट करने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से अभी तक डेंगू के कारण किसी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। नागरिक अस्पताल में दो माह की बात करें तो 49 लोगों को आरडीपी (रेडम डोनर प्लेटलेट्स) दी जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई फॉगिंग
डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि डेंगू के प्रकोप को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे है। साथ ही उन्होंने आम लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से घर-घर जाकर मच्छर के लार्वा की जांच की जा रही है। इतना नहीं जहां डेंगू के मरीज ज्यादा मिल रहे है, उन इलाकों में फॉगिंग का काम भी तेज कर दिया गया है।