संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके बाद भी फॉगिंग सिर्फ कागजों में कराई जा रही है। शनिवार को एक और डेंगू पीड़ित मरीज मिला। इसके साथही डेंगू मरीजों की संख्या 24 हो गई है। वहीं, मलेरिया पीड़ितों की संख्या 9 पर पहुंच गई है।
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है। शहर के लोगों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन को फॉगिंग कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
लोगों का आरोप है कि केवल कागजों में फॉगिंग दिखाकर खानापूर्ति की जा रही है। सचाई यह है कि फॉगिंग नहीं कराई जा रही है जिससे मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित घरों में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। टीम ने अभी तक जिले में डेंगू नियंत्रण के लिए 1,38,053 घरों में रैपिड फीवर मास सर्वे किया है। इस दौरान 1254 लोगों को नोटिस थमाए गए हैं। अस्पताल में संदिग्ध 1543 लोगों की डेंगू की जांच की गई थी।
जिले में अब तक कुल 24 डेंगू और 9 मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू की जांच के लिए जिला अस्पताल में मुफ्त जांच और इलाज की व्यवस्था है।
ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहा डेंगू का प्रकोप
इस सीजन में डेंगू का प्रकोप ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक फैल रहा है। इसका बड़ा कारण समय से पहले फॉगिंग नहीं कराना है। बड़ी बात यह है कि जहां केस मिल रहे हैं वहां पर भी कागजों में फॉगिंग हो रही है। हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में डेंगू के मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
वर्जन:
जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। वहां लगातार फॉगिंग कराई जा रही है। वहीं, हमारी टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही है।
- विरेंद्र यादव, हेल्थ इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग