रेवाड़ी में बतौर रेडक्रॉस सचिव नियुक्त वाजिद अली ने तीन साल में पांच ट्रांसफर होने से परेशान होकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि कुछ उच्चाधिकारियों के भ्रष्टाचार के मामले सामने लाने के कारण उन्हें इस तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है। 8-9 माह से ज्यादा नहीं टिकने दे रहे रेडक्रास सचिव वाजिद अली का वर्ष 2017 से लेकर अब तक 5 बार तबादला किया गया है। बतौर वाजिद अली वर्ष 2017 में उन्हें नूहं से ट्रांसफर करके रेवाड़ी भेजा गया था। रेवाड़ी से 9 माह बाद उनको झज्जर भेज दिया गया। यहां पर उन्होंने भ्रष्टाचार की कुछ फाइलें निकाली तो वहां से भी आठ माह के बाद उनका तबादला कर दिया रेवाड़ी से एक बार फिर तबादला कैथल कर दिया गया है। वाजिद अली ने हाईकोर्ट में डाली अपनी याचिका में प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। रेडक्रास सोसायटी में एक अधिकारी की ओर से अपने रिश्तेदार के नाम दुकान नाम करने का मामला भी खूब चर्चा में रह चुका है। एडीसी की जांच के बाद डीसी दुकान के आंवटन को रद्द कर दिया था।
कुछ लोग विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को छुपाना चाहते हैं, इसके लिए ऐसा किया जा रहा है। जांच पूरी होने पर पूरा मामला सामने आने के डर से भी ऐसा किया जा रहा है। इसके चलते ही कोर्ट में जाना पड़ा।
- वाजिद अली, रेडक्रास सचिव
रेडक्रास में जांच चल रही है, इसके चलते ही राज्यपाल को पत्र भेजकर जांच पूरी होने के बाद ट्रांसफर करने का आग्रह किया गया है।
यशेंद्र सिंह, डीसी रेवाड़ी