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Rewari News: पांच इलेक्ट्रिक बसें मिलीं, 26 को मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

Fri, 24 Jan 2025 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी डिपो में खड़ी पांच इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। रेवाड़ी डिपो को 5 इलेक्ट्रिक वातानुकूलित बसें मिल गई हैं। इनके रूट और किलोमीटर के हिसाब से किराया निर्धारित किए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 26 जनवरी को हरी झंडी दिखाकर इन बसों को निर्धारित रूट पर रवाना करेंगे। इलेक्ट्रिक बसें से शहरवासियों को काफी सहूलियत होगी।
इलेक्ट्रिक एसी बसों के संचालन का कार्य निजी एजेंसी को दिया गया है। इन बसों का रूट और किराया रोडवेज ने तय किया है। बावल का 40 रुपये और धारूहेड़ा का किराया 35 रुपये होगा। बावल के लिए 3 और धारूहेड़ा के लिए 2 बसें चलाई जाएंगी। बावल जाने वाली बस सर्कुलर रोड का चक्कर लगाते हुए जाएगी। सर्कुलर रोड पर यह बस हर घंटे 1 चक्कर लगाएगी। यहां का किराया 10 रुपये तय किया गया है। बावल रूट पर जाने वाली प्रत्येक बस अड्डे से निकलते ही सर्कुलर रोड पर धारूहेड़ा चुंगी होते हुए, सिविल अस्पताल, फिर झज्जर चौक और रेलवे निकलते ही नाई वाली होते हुए बावल चौक से बावल आईएमटी के लिए रवाना हो जाएगी। सर्कुलर रोड पर कोई भी यात्री बस को रुकवा कर बैठ सकता है। इसके लिए सिर्फ 10 रुपये का किराया देना होगा। वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों में यात्रा काफी सुविधाजनक होगी।
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यह रहेगा किराया
1 से 5 किलोमीटर तक 10 रुपये
8 किलोमीटर तक 15 रुपये
11 किलोमीटर तक 20 रुपये
15 किलोमीटर तक 30 रुपये
18 किलोमीटर तक 35 रुपये
25 किलोमीटर तक 40 से 45 रुपये

भविष्य में मिलेंगी 45 और इलेक्ट्रिक बसें

प्रथम चरण में ट्रायल के तौर पर अभी 5 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। भविष्य में 45 और 5 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। डिपो में 50 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा होगा। डिपो के पास वर्तमान में 147 बसें हैं, जबकि बेड़ा 170 बसों का है। 20 अन्य सामान्य बसें भी मंगाई जाएंगी। इसके लिए डिमांड भेजी गई है। कुल मिलाकर, इस वर्ष रोडवेज का बेड़ा पहले की तुलना में काफी बड़ा हो जाएगा। लोगों को भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह पांच इलेक्ट्रिक बसें जून 2024 में मिलने वाली थी लेकिन किसी कारणवश नहीं मिल सकीं। इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए चार्जिंग स्टेशन भी तैयार हो चुका है।

सड़कें भी करानी होंगी दुरुस्त

इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए अपेक्षित व्यवस्था करनी होगी। शहर की अधिकतर सड़कें जर्जर हैं। जगह-जगह गड्ढे बने हैं। ऐसे में सड़कों को गड्ढामुक्त करना होगा। इसके अलावा शहर की सड़कों पर अतिक्रमण के कारण जाम लगा रहता है। प्रशासन को इस पर भी ध्यान देना होगा ताकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ठीक से हो सके।
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वर्जन:

अभी प्रथम चरण में ट्रायल के तौर पर 5 इलेक्ट्रिक बसे चलाई जाएंगी। 26 जनवरी को मुख्य मंत्री इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे 50 बसों का पूरा बेड़ा आ जाएगा। -देवदत्त, जीएम, रोडवेज रेवाड़ी।
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