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Rewari News: पचास से अधिक ईंट भट्ठों में 2000 मजदूर, सत्यापन किसी का नहीं

Fri, 24 Jan 2025 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। गांव सहारनवास स्थित ईंट-भट्ठे से बुधवार को 17 बांग्लादेशियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। इसके बाद से पुलिस ने सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया है। पुलिस प्रत्येक थाना क्षेत्र में स्थित झुग्गी-झोपड़ियों व ईंट-भट्ठों पर रहकर काम करने वालों के दस्तावेज की जांच कर रही है। जिले में पचास से अधिक ईंट भट्ठों में 2000 मजदूर काम करते हैं लेकिन संचालकों की ओर से सत्यापन किसी का भी नहीं किया गया है।

गांव सहारनवास में जिस ईंट भट्टे पर यह बांग्लादेशी काम कर रहे थे, उसके मालिक ने मजदूरों के दस्तावेज की जांच नहीं की और न ही इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी थी। इसकी भी जांच होनी जरूरी है। कोसली क्षेत्र में ही तीन साल पूर्व एक ईंट-भट्ठे पर छिपकर रह रहे तीन बांग्लादेशियों को पुलिस ने काबू किया था। उस समय स्वतंत्रता दिवस को लेकर पुलिस ने जांच अभियान चला रही थी। तीनों यहां बगैर किसी पहचान पत्र के रह रहे थे। आरोपियों के पास पासपोर्ट या वीजा भी नहीं था। पुलिस ने तीनों को काबू कर उनके खिलाफ विदेशी अधिनियम-1946 के तहत कोसली थाना में केस दर्ज किया था। संवाद
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पीजी में रहने वालों का भी सत्यापन नहीं

रेवाड़ी, बावल व धारूहेड़ा में करीब एक हजार पेइंग गेस्ट (पीजी) संचालित हैं। दो बड़े औद्योगिक हब होने के कारण यहां 25 हजार से अधिक लोग कंपनियों में कार्य करते हैं। अधिकतर छात्र भी पीजी में रहते हैं। पिछले पांच साल से बिना नियम के चल रहे पीजी की भरमार हो गई है। इनमें से पुलिस के पास किसी का न तो पंजीकरण है और न ही यहां पर रहने वालों के लिए कोई नियम बनाया गया है। पीजी संचालक पुलिस से इनका सत्यापन तक नहीं कराते हैं। रेवाड़ी शहर के मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट, दिल्ली रोड, बावल रोड व महाराणा प्रताप चौक सहित अनेक स्थानों पर शिक्षण संस्थान खुले हुए हैं। इन शिक्षण संस्थान में हजारों विद्यार्थी पढञते हैं।
कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए घराें में बिना बोर्ड के चला रहे पीजी

शहर में पीजी की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए लोग बिना बोर्ड लगाए ही घरों में पेइंग गेस्ट के रूप में रख रहे हैं। इन पीजी से मोहल्लों में वहां रहने वाले लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। यहां तक की लोगों ने पुलिस तक को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई तक नहीं हो रही है। पीजी में रहने वाले दिन-रात तेज आवाज में म्युजिक बजाना और हंगामा करना आम बात हो गई है। वहीं, शहर में कॉलेज व कोचिंग सेंटरों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कारण विद्यार्थियों को भी पीजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
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वर्जन:
गांव सहारनवास में चल रहे ईंट-भट्ठे से बुधवार को 17 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया। विदेशी अधिनियम-1946 के तहत केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस झुग्गी-झोपड़ियों व ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले लोगों के दस्तावेज की जांच कर रही है।-मनीष कुमार, प्रभारी, थाना रामपुरा
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