रेवाड़ी। नशा मुक्ति टीम ने गांव सूबासेडी और धरचाना में ग्रामीणों को नशे से दूर रखने को लेकर विचार-विमर्श किया। टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग कराकर डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है। उसे इलाज के लिए प्रेरित किया गया। टीम ने अब तक नशे से पीड़ित 266 लोगों की पहचान की है।
नशा मुक्ति टीम से एएसआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस और आमजन यदि आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है।
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उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा। पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं पर कई नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि नशा एक अभिशाप है इसका मिलकर बहिष्कार करें। अगर आपके पास किसी प्रकार की नशे संबंधी सूचना है कोई व्यक्ति नशे का प्रयोग करता है या नशे की सप्लाई इत्यादि करता है तो इस बारे पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 नंबर पर सूचित करे। पता व जानकारी बताने वाले व्यक्ति का नाम पता गुप्त रखा जायेगा।