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महिला ठग ने कार्ड सक्रिय करने का झांसा देकर 2.27 लाख रुपये ठगे

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रेवाड़ी। क्रेडिट कार्ड सक्रिय (एक्टिवेट) करने का झांसा देकर महिला ने कंपनी के सुपरवाइजर से 2. 27 लाख रुपये ठग लिए। इस दौरान उसने कार्ड के माध्यम से ज्वेलरी और महंगी घड़ी खरीद कर भुगतान किया। मोबाइल पर खरीदारी के मैसेज मिलने पर पीड़ित ने बैंक से तुरंत संपर्क किया। इसके बाद उसे ठगी का पता चला। पीड़ित ने मॉडल टाउन थाना पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज कराया है।
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पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के जिला हाथरस निवासी महेन्द्र सिंह बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी में सुपरवाइजर हैं। वह फिलहाल शहर के कृष्णा नगर में किराये पर रहते हैं। महेंद्र ने 3 महीने पहले एसबीआई का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। कार्ड पर 6 हजार रुपये का चार्ज लगा था, जिसकी वजह से उन्होंने कार्ड का उपयोग करना बंद कर दिया था। कार्ड फिलहाल उसके घर पर ही रखा हुआ है। शुक्रवार को महेन्द्र सिंह के पास एक महिला का फोन आया और उसने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताते हुए पूछा कि वह क्रेडिट कार्ड उपयोग क्यों नहीं कर रहे हैं। महेन्द्र ने बताया कि उनके कार्ड पर 6 हजार रुपये का चार्ज लगा हुआ है, जिसकी वजह से वे इसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। महिला ने कहा कि वह इस चार्ज को हटा देगी। इसके लिए मोबाइल पर एक ओटीपी भेज दिया है। महेन्द्र ने ओटीपी शेयर करने से मना कर दिया तो महिला ने कहा कि उसका कार्ड बंद है और उसे सक्रिय (एक्टिवेट) करने के लिए ओटीपी देना ही होगा, तभी चार्ज हट सकता है। यह सुनकर महेन्द्र ने महिला को ओटीपी दे दिया। कुछ देर बाद ही उसके क्रेडिट कार्ड के जरिए बाजार में खरीदारी शुरू हो गई। पहली बार में 1,44,851 रुपये की शॉपिंग हुई। बाद में 57,251 रुपये और फिर 29,798 रुपये की शॉपिंग की गई। महेन्द्र सिंह के अनुसार शॉपिंग में ब्रांडेड घड़ी से लेकर सोने की महंगी ज्वेलरी शामिल है। महेन्द्र ने बैंक से पूरी डिटेल निकलवाने के बाद पुलिस को शिकायत दी। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो दिन पहले भी युवक से ठगे थे 22 हजार रुपये
दो दिन पहले भी इसी तरह की ठगी शहर में रहने वाले एक युवक के साथ हुई थी। उससे भी क्रेडिट कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे चालू करने की बात की और फिर ओटीपी पूछकर 22 हजार रुपये से ज्यादा किसी खाते में ट्रांसफर कर लिए गए थे। पुलिस जिस खाते में नकदी ट्रांसफर हुई, उससे संबंधित जानकारी जुटाने में लगी है, ताकि ठग तक पहुंचा जा सके।
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